तीन दिन से लगातार बारिश ने बिगाड़ी जिंदगी की रफ्तार, गोमती का बढ़ा जलस्तर
सुल्तानपुर जिले में बीते तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। 24 सितंबर से रुक-रुककर हो रही बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार बारिश के कारण जहां आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है।वहीं तेज हवाओं के चलते पेड़ों के गिरने का खतरा भी बढ़ गया है। कई स्थानों पर पेड़ों के गिरने की घटनाएं सामने आने से लोगों में चिंता बनी हुई है।
लगातार बारिश के चलते लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से निकल रहे हैं। दैनिक मजदूरी और अन्य कामकाज पर निर्भर लोगों के सामने भी परेशानी खड़ी हो गई है। बारिश और तेज हवाओं के कारण सड़क और बाजारों में सामान्य दिनों की अपेक्षा आवाजाही प्रभावित हुई है।लगातार हो रही बारिश का असर जिले की प्रमुख नदी गोमती के जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे नदी किनारे बसे गांवों के लोगों में बाढ़ की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है।मौसम की सबसे अधिक मार किसानों पर पड़ रही है। अगेती प्रजाति की धान की फसल कई क्षेत्रों में लगभग तैयार होने की स्थिति में पहुंच चुकी थी।लेकिन तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में धान की फसल गिरने लगी है। फसल जमीन पर गिर जाने से किसानों को उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सता रही है।किसानों का कहना है कि फसल तैयार करने में बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी समेत काफी लागत लग चुकी है। ऐसे समय में बारिश और तेज हवाओं से फसल को नुकसान पहुंचने से उनकी मेहनत और लागत दोनों पर संकट खड़ा हो गया है। धान के अलावा तिल और उड़द जैसी फसलों पर भी मौसम की मार पड़ने की आशंका है।बारिश का असर सब्जी की खेती करने वाले किसानों पर भी पड़ रहा है। इस समय फूलगोभी, पत्तागोभी, टमाटर और मिर्च की अगेती फसल की रोपाई का दौर चल रहा है। वहीं मटर की बुवाई का भी समय है। लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भरने और मिट्टी अधिक गीली होने से सब्जी किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।किसानों का कहना है कि मौसम में सुधार नहीं हुआ तो खरीफ की तैयार फसलों के साथ ही आगामी सब्जी फसलों की तैयारी भी प्रभावित हो सकती है।लगातार बारिश के कारण मिट्टी में नमी बढ़ने से पेड़ों के कमजोर होकर गिरने का खतरा भी बढ़ गया है। तेज हवाओं के दौरान कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं टूटने और पेड़ गिरने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।तेज हवा और भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन लगातार लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। लोगों से कहा गया है कि अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और बारिश के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों तथा कमजोर संरचनाओं के नीचे खड़े होने से बचें।जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल द्वारा जिले के हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मदद उपलब्ध कराने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें।


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