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स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मिलेगा नया काम, स्कूल ड्रेस व जूता-मोजा आपूर्ति से बढ़ेंगे रोजगार


लखनऊ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को गौतम बुद्ध नगर में आयोजित यू.पी. इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी प्रत्येक दीदी की आमदनी बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का संकल्प है कि कोई भी गरीब परिवार गरीबी में न रहे और उसे आर्थिक समृद्धि की ओर ले जाया जाए। इस दिशा में स्वयं सहायता समूह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव की महिलाएं अब केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बैंकिंग, विद्युत, कृषि, बीमा और ड्रोन तकनीक जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सेवाएं देकर आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रही हैं। बीसी सखी, बैंक सखी, विद्युत सखी, कृषि सखी और ड्रोन सखी जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर तैयार हुए हैं।श्री मौर्य ने कहा कि आने वाले समय में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को घरेलू गैस सिलेंडरों के वितरण से जोड़ने की दिशा में भी कार्य करने का विचार है। निर्धारित सरकारी मानकों के अनुरूप समूह की दीदियों के घरों पर सिलेंडरों के भंडारण एवं वितरण की व्यवस्था विकसित होने से उन्हें अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिल सकेगा।उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान के लिए समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए तिरंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं का भुगतान अभी लंबित है, उनका तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि यदि किसी स्तर पर भुगतान की प्रक्रिया रुकी है तो उसे शीघ्र पूरा कर धनराशि संबंधित महिलाओं तक पहुंचाई जाए।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश के प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की ड्रेस, जूता-मोजा आदि की आपूर्ति में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बड़ी भूमिका देने की व्यवस्था की जा रही है। समूहों की महिलाओं को कपड़ा उपलब्ध कराकर ड्रेस तैयार कराने और उसकी आपूर्ति की व्यवस्था से गांवों में सिलाई एवं निर्माण का काम बढ़ेगा। साथ ही समूहों को उनके उत्पाद से होने वाले लाभ का सीधा फायदा मिलेगा।उन्होंने कहा कि महिलाओं में परिवार को बेहतर ढंग से संभालने और सीमित संसाधनों में भी घर की आवश्यकताओं को पूरा करने की अद्भुत क्षमता होती है। महिला की छोटी-सी अतिरिक्त आमदनी भी परिवार की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव ला सकती है। इसी कारण सरकार का प्रयास है कि गांव की अधिक से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ें और अपनी क्षमता का उपयोग कर आमदनी बढ़ाएं।श्री मौर्य ने स्वयं सहायता समूहों के संचालन में पारदर्शिता और सभी सदस्यों की सहभागिता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ समूहों में गतिविधियां केवल अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष तक सीमित रहने की स्थिति सामने आती है, जबकि सरकार की मंशा है कि समूह से जुड़ी प्रत्येक महिला को आर्थिक गतिविधियों और निर्णय प्रक्रिया में अवसर मिले।उन्होंने कहा कि जो समूह बेहतर कार्य कर रहे हैं, उनके अनुभवों से दूसरे समूहों को सीखना चाहिए। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से उत्पादों की गुणवत्ता में निरंतर सुधार किया जाना चाहिए।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यू.पी. इंटरनेशनल ट्रेड शो में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिला है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि इस अवसर को केवल अपने स्टॉल तक सीमित न रखें, बल्कि अन्य स्टॉलों का भी भ्रमण करें, नए उत्पादों और बाजार की मांग को समझें तथा अपने उत्पादों में नवाचार और गुणवत्ता बढ़ाएं।उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पाद इतने गुणवत्तापूर्ण हों कि देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में आयोजित होने वाले ट्रेड शो में भी उनकी मांग हो और उत्पाद कम पड़ जाएं।श्री मौर्य ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को लगातार नए अवसर दिए जाने चाहिए। इस बार यू.पी. इंटरनेशनल ट्रेड शो में बड़ी संख्या में नई समूह की दीदियों को अवसर दिया गया है, ताकि वे अपनी क्षमता और प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। अवसर मिलने से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के जरिए वे अपने उत्पादों की गुणवत्ता एवं कारोबार को आगे बढ़ा सकेंगी।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य लखपति दीदी के साथ-साथ गांव की महिलाओं को आर्थिक समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। उन्होंने हरियाणा से आई एक महिला उद्यमी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भविष्य में करोड़पति दीदी बनने का संकल्प व्यक्त किया है। श्री मौर्य ने ऐसी सभी दीदियों को अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं शून्य से शिखर तक का सफर तय करते हुए अपने परिवार और गांव की खुशहाली का माध्यम बनेंगी।उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की सफलता की कहानियां गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेंगी। जब एक महिला आगे बढ़ती है तो उससे प्रेरणा लेकर दूसरी महिलाएं भी समूहों से जुड़ती हैं और अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ती हैं। यही महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार का उद्देश्य है।

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