
सुल्तानपुर जिला आकांक्षा समिति, सुल्तानपुर का 22 वर्षों बाद पुनर्गठन किया गया है। रविवार को समिति की बैठक अध्यक्ष मनजोत कौर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में नव-नामित सदस्यों ने प्रतिभाग कर समिति के उद्देश्यों और आगामी गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की।बैठक में गरिमा सोनकिया, मंजुल मयंक, प्रीति जैन, नेहा यादव, आकांक्षा तिवारी, इंदु भूषण, सुमन सिंह, डॉ. शिवांगी चौहान, रूबी एवं सोनी यादव सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहीं।अध्यक्ष मनजोत कौर ने नव-नामित सदस्यों को समिति के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया कि आकांक्षा समिति, उत्तर प्रदेश, आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (IASOWA), उत्तर प्रदेश की डेवलपमेंट सोसाइटी है। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आय सृजन से जुड़ी पहलों के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं एवं बालिकाओं का सशक्तीकरण करना है।समिति की परियोजनाओं एवं गतिविधियों का केंद्र महिलाओं और बालिकाओं का अधिकार-आधारित विकास है। विशेष रूप से वंचित और हाशिए पर रहने वाली महिलाओं एवं बालिकाओं तक सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी, उनकी पहुंच तथा योजनाओं के प्रभावी उपयोग को बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।बैठक में वंचित महिलाओं और किशोरियों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने पर विचार-विमर्श किया गया। शिविर में महिलाओं एवं किशोरियों की व्यापक स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इसके साथ ही महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए पेशेवर परामर्शदाताओं के माध्यम से काउंसलिंग सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई।
‘किशोरी मंच’ बनेगा संवाद का सुरक्षित माध्यम
समिति की बैठक में ‘किशोरी मंच’ आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य किशोरियों एवं युवा महिलाओं को ऐसा सुरक्षित मंच उपलब्ध कराना है। जहां वे अपने सामने आने वाली वास्तविक जीवन की समस्याओं और चुनौतियों पर खुलकर बातचीत कर सकें। मंच के माध्यम से किशोरियों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान की दिशा में प्रभावी पहल किए जाने पर जोर दिया जाएगा।समिति के आगामी चरण में शिक्षा के क्षेत्र में भी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसमें विशेष रूप से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) में अध्ययनरत छात्राओं को केंद्र में रखा जाएगा। शिक्षा के साथ उनके समग्र विकास और आवश्यक सहयोग से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
जिलाधिकारी की पत्नी होती हैं समिति की अध्यक्ष
जिला आकांक्षा समिति की अध्यक्ष जिलाधिकारी की धर्मपत्नी होती हैं। समिति में जिला स्तरीय अधिकारियों की पत्नियों के साथ-साथ सिविल सोसाइटी की प्रतिष्ठित महिलाओं को भी सदस्य के रूप में शामिल किया जाता है। समिति में सदस्यों की संख्या को लेकर कोई निर्धारित सीमा नहीं है।22 वर्षों बाद हुए पुनर्गठन के बाद समिति द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, मानसिक कल्याण और सशक्तीकरण से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
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