परिषदीय विद्यालयों में बाहरी लोगों और यू-ट्यूबरों की एंट्री पर रोक
बलरामपुर जिले के परिषदीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए बाहरी व्यक्तियों और यू-ट्यूबरों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास चंद्र श्रीवास्तव ने इस संबंध में सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना विद्यालय परिसर में फोटो खींचने या वीडियो बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।बीएसए की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि विद्यालयों में अनधिकृत रूप से बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश न होने दिया जाए। निरीक्षण के लिए आने वाले सक्षम अधिकारियों से विद्यालय के विजिटर्स रजिस्टर में अनिवार्य रूप से हस्ताक्षर कराए जाएं, ताकि विद्यालय में आने-जाने वाले लोगों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके।आदेश के मुताबिक विद्यालय संचालन अवधि के दौरान और विद्यालय बंद होने के बाद भी मुख्य गेट बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानाध्यापकों को विद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश को रोकने के लिए कहा गया है।बताया गया है कि यह कदम कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के ‘स्कूल ठीक करो अभियान’ के मद्देनजर भी चर्चा में आया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 15 अगस्त से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सरकारी स्कूलों की स्थिति का सोशल ऑडिट शुरू किया था। अभियान के तहत सरकारी विद्यालयों की व्यवस्थाओं और उनकी जमीनी स्थिति को सामने लाने की बात कही गई थी।विभाग का कहना है कि विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में बिना अनुमति किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा फोटो या वीडियो बनाए जाने से बच्चों की निजता और सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसी को देखते हुए विद्यालयों में बाहरी गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।बीएसए ने सभी प्रधानाध्यापकों को जारी आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही विद्यालय परिसर में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापकों को सौंपी गई है।

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