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डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर कार्य करने वाले चिकित्सक, स्टाफ नर्स को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित


सुल्तानपुर जिलाधिकारी इन्द्रजीत सिंह की अध्यक्षता, मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 भरत भूषण की उपस्थिति में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय नवीन भवन सप्तम तल हॉल में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक आयोजित की गई। उक्त बैठक में सर्वप्रथम मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत आख्या प्रस्तुत की गई।

उन्होंने अवगत कराया कि गत माह की बैठक में चिन्हित की गयी समस्याओं पर शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया गया है। इसके उपरान्त बैठक में मुख्यमंत्री सीएम डैशबोर्ड की प्रगति के बारे में समीक्षा की गयी। समस्त मानकों में ग्रेड-ए कैटगेरी है।


जिलाधिकारी ने सभी सम्बन्धित को निर्देशित किया  कि कार्य में प्रगति लाते हुए रैंक को बनाये रखें। तत्पश्चात जनपद में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम, कम्युनिटी प्रोसेस, परिवार नियोजन, आभा कार्ड, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके), क्वालिटी एश्योरेंस, आयुष्मान गोल्डन कार्ड, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी), नियमित टीकाकरण सहित विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। डीएम ने आयुष्मान गोल्डेन कार्ड धारक ऐसे लाभार्थी जिनकों मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता प्राप्त होना है उनके प्रकरणों को त्वरित निस्तारण करते हुए उन्हें सहायता राशि अवश्य दिलायी जाय, किसी भी प्रकार की लापरवाही किसी भी स्तर पर न बरती जाय।   जिलाधिकारी  ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के डे-प्रोग्रेस डेटा का गहन परीक्षण करते हुए कहा कि संस्थागत प्रसव एवं मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार किया जाए। उन्होंने सिजेरियन डिलीवरी की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं को और सुदृढ़ बनाया जाए तथा ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि मरीजों को अनावश्यक रूप से निजी अस्पतालों में रेफर न करना पड़े। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित प्रसव सेवाएं सरकारी अस्पतालों में ही उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी को निर्देशित किया कि आप भी जिला स्वास्थ्य समिति के अंग है। नियमित बैठकों में प्रतिभाग करें तथा अपने विभाग की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें। उन्होंने टी.बी. मुक्त भारत अभियान की समीक्षा के दौरान सम्बन्धित को निर्देशित किया कि क्षय रोग उन्मूलन अभियान में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी संभावित मरीजों की समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए।प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने इसे सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना बताते हुए निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने अस्पतालों में मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार, पारदर्शिता तथा बेहतर चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अधीक्षकों को निर्देशित किया कि सभी अपने-अपने क्षेत्र के प्रसव से सम्बन्धित प्रकरणों को सी.एच.सी. स्तर पर निस्तारण करने की कोशिश करें, क्रिटिकल केस को ही मेडिकल कॉलेज रेफर करें। उन्होंने उपस्थित समस्त चिकित्सकों को निर्देशित किया कि सभी लोग आम जनता के लिये कार्य करें तथा आम जनमानस को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। स्वास्थ्य संस्थानों पर उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर आवश्यक दवाओं, चिकित्सा उपकरणों एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जहां भी किसी प्रकार की कमी हो, उसे प्राथमिकता के आधार पर तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने एम्बुलेंस सेवाओं की समयबद्धता, रिस्पॉन्स टाइम एवं कार्यप्रणाली में भी सुधार लाने के निर्देश दिए ताकि मरीजों को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा शीघ्र उपलब्ध हो सके। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता अथवा गैर-जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ करें तथा नियमित रूप से फील्ड भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी सुनिश्चित करें।  जयसिंहपुर सीएचसी स्थित नवजात शिशु स्थिरीकरण इकाई (एनबीएसयू) से अधिक संख्या में हो रहे रेफरल पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि नवजात शिशुओं के उपचार की गुणवत्ता में सुधार कर अनावश्यक रेफरल को न्यूनतम किया जाए, जिससे मरीजों एवं उनके परिजनों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर कार्य करने वाले चिकित्सकों-डॉ0 फिजा देसाई (मेडिकल ऑफिसर), मंजीत, शिल्पी श्रीवास्तव, नेहा श्रीवास्तव, ओमपाल गंगवार, लक्ष्मी यादव (स्टाफ नर्स) तथा अमित कुमार मौर्य, राजकुमार सोनकर, लक्ष्मी वर्मा, मो0 अहमद आदि को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया । बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित सभी कार्यक्रमों का प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय, टीम भावना एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें ताकि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो तथा प्रत्येक नागरिक को समय पर बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इस अवसर पर समस्त सम्बन्धित अधिकारी व चिकित्सगण उपस्थित रहे।  

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