आयुष मलिक के धर्मांतरण और निकाह का मामला गरमाया, बोले- “अपनी मर्जी से अपनाया इस्लाम, सहमति से किया निकाह
शामली में दवा कारोबारी परिवार से जुड़े आयुष मलिक के कथित धर्मांतरण और निकाह का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच आयुष मलिक, जो अब खुद को मोहम्मद अली के नाम से पहचानते हैं, ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म स्वीकार किया और चांदनी के साथ पूरी सहमति से निकाह किया। आयुष उर्फ मोहम्मद अली ने बताया कि उनका निकाह करीब चार वर्ष पहले हुआ था। उन्होंने कहा कि निकाह के बाद भी चांदनी अपने परिवार के साथ ही रहती थीं, जबकि वह अपने घर पर ही रह रहे थे।आयुष के अनुसार, जब उनकी बहन की शादी की तैयारियां चल रही थीं, तब उन्होंने पहली बार अपने परिवार को बताया था कि वह इस्लाम धर्म अपना चुके हैं और चांदनी से उनका निकाह हो चुका है। उन्होंने कहा कि जब परिवार के लोगों ने चांदनी की तस्वीर देखी, जिसमें वह हिजाब और बुर्के में नजर आ रही थीं, तो वे हैरान रह गए और नाराजगी जताई।आयुष मलिक ने उन आरोपों को भी खारिज किया, जिनमें दावा किया जा रहा है कि उन्हें सुनियोजित तरीके से प्रेम जाल में फंसाया गया और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया।उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप अफवाहों और गलतफहमियों पर आधारित हैं। उनका कहना है कि धर्म परिवर्तन का फैसला उन्होंने स्वयं लिया था और इसमें किसी प्रकार का दबाव या साजिश शामिल नहीं थी।मामले में सामने आई उस चर्चा को भी आयुष ने गलत बताया, जिसमें कहा जा रहा है कि उनकी मुलाकात चांदनी से एक जिम में हुई थी।उन्होंने कहा कि जिस समय चांदनी जिम में ट्रेनर थीं उस दौरान वह वहां जाते ही नहीं थे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनका नाम और चांदनी के भाई का नाम भी गलत तरीके से जोड़ा जा रहा है। आयुष के मुताबिक, चांदनी का भाई कभी उनकी दवा की दुकान पर नहीं आया और जिम से जुड़ी जो कहानी सामने लाई जा रही है, उसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।आयुष ने बताया कि सरकारी दस्तावेजों में अभी भी उनका नाम आयुष मलिक ही दर्ज है, क्योंकि नाम परिवर्तन की कानूनी प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। हालांकि इस्लाम स्वीकार करने के बाद उन्होंने अपना नाम मोहम्मद अली रख लिया था।उन्होंने कहा, “मैं महान मुक्केबाज मोहम्मद अली और हजरत अली से प्रभावित था। इसी वजह से मैंने अपना नाम मोहम्मद अली रखा। अब अधिकांश लोग मुझे इसी नाम से जानते हैं।बातचीत के दौरान पाकिस्तान से जुड़े वीडियो देखने और कथित पाकिस्तान कनेक्शन के आरोपों पर भी आयुष ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया।आयुष का कहना है कि इस्लाम को समझने के लिए उन्होंने विभिन्न देशों के इस्लामिक विद्वानों और वक्ताओं के वीडियो देखे थे। उन्होंने कहा कि किसी विशेष देश, संगठन या समूह से उनका कोई संबंध नहीं है।उन्होंने बताया, “मैंने यूट्यूब के माध्यम से इस्लाम के बारे में जानकारी हासिल की। वर्ष 2007-08 से इस विषय को समझना शुरू किया था। धीरे-धीरे अध्ययन किया और फिर अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म स्वीकार किया।परिवार की ओर से लगाए गए ब्रेनवॉश और साजिश के आरोपों को भी आयुष ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ जो बातें कही जा रही हैं।वे तथ्यों पर नहीं बल्कि अफवाहों और गलत धारणाओं पर आधारित हैं।गौरतलब है कि शामली में आयुष मलिक के धर्मांतरण और निकाह को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। एक ओर परिवार सुनियोजित धर्मांतरण और प्रभाव में लाने के आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर आयुष उर्फ मोहम्मद अली का कहना है कि उन्होंने धर्म परिवर्तन और निकाह दोनों निर्णय पूरी तरह अपनी स्वतंत्र इच्छा से लिए हैं। मामले को लेकर विभिन्न पक्षों के दावों के बीच अब यह मुद्दा क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।

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