एक दूल्हा, तीन दुल्हन ,अमरोहा में तीन सगी बहनों ने एक ही युवक से रचाई शादी
अमरोहा जिले से एक बेहद अनोखा मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक चर्चा छेड़ दी है। यहां तीन सगी बहनों ने एक ही युवक के साथ मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह करने का दावा किया है। शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया है और इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला अमरोहा के धौरिया गांव का है। गांव की रहने वाली सरोज, सावित्री और संतोष तीनों सगी बहनें हैं और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में इंस्टाग्राम व फेसबुक पर वीडियो बनाती हैं। तीनों की सोशल मीडिया पर अच्छी खासी फैन फॉलोइंग बताई जा रही है। इनमें सरोज बीटेक द्वितीय वर्ष की छात्रा है, जबकि सावित्री और संतोष इंटरमीडिएट पास हैं। उनके पिता रमेश किसान हैं।बताया जा रहा है कि श्यामपुरी गांव निवासी विकास उर्फ विक्कू पिछले छह महीने से तीनों बहनों के साथ कैमरामैन के रूप में काम कर रहा था। वह उनके वीडियो शूट करता था और कई वीडियो में पति की भूमिका भी निभाता था। इसी दौरान चारों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उन्होंने साथ रहने का फैसला कर लिया।तीनों बहनों और विकास ने 17 जुलाई को चामुंडा माता मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लेने का दावा किया। हालांकि, इस विवाह में दोनों पक्षों के परिवार का कोई सदस्य शामिल नहीं हुआ।
शादी का वीडियो बुधवार शाम सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।वीडियो सामने आने के बाद कुछ हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने इस विवाह पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि धार्मिक स्थल पर इस प्रकार का विवाह सनातन परंपराओं और सामाजिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। इसे लेकर विरोध भी दर्ज कराया गया।विरोध बढ़ने पर तीनों बहनों ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वे बचपन से हमेशा साथ रही हैं और भविष्य में भी अलग नहीं होना चाहती थीं। जब परिवार ने उनके अलग-अलग विवाह तय करने की कोशिश की, तब उन्होंने एक साथ रहने के लिए एक ही युवक से शादी करने का निर्णय लिया।अपने बयान में बहनों ने कहा कि वे सभी बालिग हैं और अपनी इच्छा से यह फैसला लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पहले के समय में एक राजा की कई रानियां हो सकती थीं, तो उनके निर्णय को गलत क्यों माना जा रहा है। उनका कहना है कि यह फैसला प्रेम और आपसी सहमति से लिया गया है।विकास उर्फ विक्कू ने कहा कि वह तीनों बहनों की भावनाओं और परिस्थितियों से परिचित था। इसी कारण उसने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए तीनों से विवाह करने का निर्णय लिया।हसनपुर कोतवाली प्रभारी ने बताया कि संबंधित युवतियों ने पुलिस को बताया है कि उन्होंने अपनी मर्जी से चामुंडा मंदिर में विवाह किया है।
कानूनी पहलू भी चर्चा में
हालांकि, इस घटना के वायरल होने के बाद लोग इसके कानूनी पहलुओं पर भी सवाल उठा रहे हैं। यदि संबंधित पक्ष हिंदू विवाह कानून के अंतर्गत आते हैं, तो हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के अनुसार पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी सामान्यतः वैध नहीं मानी जाती, जब तक कि किसी विशेष कानून या अपवाद के तहत अनुमति न हो। ऐसे में इस कथित विवाह की कानूनी वैधता अलग विषय है और इस पर सक्षम न्यायिक अथवा प्रशासनिक स्तर पर ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकती है।



कोई टिप्पणी नहीं