
उत्तर प्रदेश भाजपा ने प्रदेश संगठन के गठन के बाद आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज करते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने का अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में बुधवार को प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर एक साथ बूथ अध्यक्ष सम्मेलन आयोजित किए गए। इन सम्मेलनों का उद्देश्य बूथ अध्यक्षों का सत्यापन, संगठन की जमीनी स्थिति का आकलन तथा चुनावी तैयारियों की समीक्षा करना रहा।सम्मेलनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित सभी मंत्री, सांसद, विधायक एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अलग-अलग जिलों में बूथ अध्यक्षों के साथ संवाद किया। इस दौरान नेताओं ने बूथ स्तर की तैयारियों का जायजा लेने के साथ कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन भी किया।पार्टी के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 1.80 लाख से अधिक बूथ अध्यक्षों से सीधा संवाद किया गया। सम्मेलन में बूथ अध्यक्षों को चुनावी माइक्रो मैनेजमेंट, मतदाता संपर्क, नए मतदाताओं के पंजीकरण, बूथ समिति की सक्रियता और मतदान प्रतिशत बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित सम्मेलन में भाग लेकर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सीतापुर में मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बरेली और ब्रजेश पाठक ने शाहजहांपुर में बूथ अध्यक्षों से संवाद किया। वहीं प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने वाराणसी में सम्मेलन को संबोधित करते हुए संगठन को बूथ स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया।सम्मेलनों में नेताओं ने बूथ अध्यक्षों के साथ संगठनात्मक कार्ययोजना, चुनावी रणनीति और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा की। कार्यकर्ताओं को "बूथ जीता–चुनाव जीता" और "मेरा बूथ सबसे मजबूत" के संकल्प के साथ प्रत्येक बूथ पर संगठन को मजबूत करने, मतदाताओं से लगातार संपर्क बनाए रखने और केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।भाजपा का मानना है कि बूथ संगठन ही चुनावी जीत की सबसे मजबूत कड़ी है। इसी रणनीति के तहत पार्टी बूथ स्तर पर संगठन को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाकर आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने की तैयारी में जुटी हुई है।
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