FIR के आधार पर नहीं चल सकता बुलडोजर, दो जजों की अलग-अलग राय के बाद मामला तीसरे जज के पास; इलाहाबाद हाईकोर्ट में अहम सुनवाई
क्या है पूरा मामला
हमीरपुर निवासी फैमुद्दीन और अन्य याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि उनकी रिश्तेदार आफान खान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, भारतीय न्याय संहिता (BNS), आईटी एक्ट और उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्मांतरण प्रतिषेध कानून के तहत मुकदमा दर्ज है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि आरोपी का उनके मकान, इंडियन लॉज और आरा मिल से कोई मालिकाना संबंध नहीं है। इसके बावजूद प्रशासन बिना नोटिस दिए इन संपत्तियों को सील करने और ध्वस्त करने की तैयारी कर रहा है।राज्य सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि याचिका में कई महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया गया है। सरकार के अनुसार इंडियन लॉज सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध रूप से बना है और उसे हटाने के आदेश पहले से मौजूद हैं। इसी लॉज में 16 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाने, ब्लैकमेल करने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने जैसे गंभीर आरोपों की जांच चल रही है। जांच के दौरान फैमुद्दीन की भूमिका भी सामने आने पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वहीं आरा मिल के खिलाफ वन विभाग द्वारा संरक्षित प्रजाति की लकड़ी मिलने के मामले में अलग से कार्रवाई की जा रही है।
दूसरे जज ने जताई असहमति
खंडपीठ के दूसरे सदस्य न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन के सुझावों से असहमति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत ऐसा कोई सामान्य निर्देश नहीं दे सकता कि FIR दर्ज होने के बाद 2 वर्ष तक किसी भी अवैध निर्माण पर कार्रवाई न हो। उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई से पहले एक वर्ष का नोटिस देना भी वर्तमान कानून में अनिवार्य नहीं है, इसलिए अदालत ऐसी नई शर्त नहीं जोड़ सकती।
अब तीसरे जज करेंगे फैसला
दोनों न्यायाधीशों की राय अलग-अलग होने के कारण मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पास भेज दिया गया है। मुख्य न्यायाधीश इस प्रकरण को तीसरे न्यायाधीश या नई पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए भेजेंगे। तीसरे न्यायाधीश की राय के बाद यह तय होगा कि FIR के बाद बुलडोजर कार्रवाई और नोटिस की अवधि को लेकर कानून का दायरा क्या होगा।यह मामला बुलडोजर कार्रवाई, संपत्ति अधिकार और प्रशासनिक कार्रवाई की वैधता से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्नों के कारण व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।

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