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यूपी के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 21,252 पदों पर शिक्षक भर्ती का रास्ता साफ, NIC पोर्टल पर अपलोड हुआ अधियाचन


लखनऊ उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में लंबे समय से प्रतीक्षित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया ने अब गति पकड़ ली है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सोमवार को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के ई-अधियाचन पोर्टल पर कुल 21,252 रिक्त पदों का अधियाचन अपलोड कर दिया है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों में नई उम्मीद जगी है कि जल्द ही उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा।माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने अधियाचन अपलोड होने की पुष्टि करते हुए बताया कि भर्ती प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। अब चयन आयोग आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर विज्ञापन जारी करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

किन पदों पर होगी भर्ती

अपलोड किए गए अधियाचन के अनुसार—

प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) के 17,740 पद

प्रवक्ता (पीजीटी) के 2,615 पद

संलग्न प्राइमरी सहायक अध्यापक के 987 पद

इस प्रकार कुल 21,252 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे पहले सहायता प्राप्त 4,512 विद्यालयों में प्रधानाध्यापक एवं प्रधानाचार्य के 2,643 रिक्त पदों का अधियाचन भी पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है।सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग सबसे पहले टीजीटी, पीजीटी और अन्य लंबित पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है। अधियाचन उपलब्ध होने के बाद आयोग विज्ञापन, आवेदन और चयन प्रक्रिया को अंतिम रूप देगा।इधर, परिषदीय विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का कार्यभार संभाल रहे सहायक अध्यापकों के लिए भी राहत भरी खबर है। जिन शिक्षकों ने प्रधानाध्यापक के वेतन के भुगतान को लेकर न्यायालय में याचिका दाखिल की है, उन्हें याचिका दाखिल करने की तिथि से अधिकतम तीन वर्ष का बकाया वेतन (एरियर) दिया जाएगा।इस संबंध में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।निर्देशों के अनुसार, यदि किसी सहायक अध्यापक को बीएसए द्वारा प्रधानाध्यापक का कार्यभार सौंपा गया है और उसने प्रधानाध्यापक के वेतन के लिए आवेदन किया है, तो बीएसए यह सुनिश्चित करेंगे कि शिक्षक ने सहायक अध्यापक के रूप में कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी की हो।यदि दोनों शर्तें पूरी होती हैं, तो संबंधित शिक्षक को याचिका दाखिल करने की तिथि से अधिकतम तीन वर्ष का बकाया वेतन दिया जाएगा, भले ही वह इससे अधिक समय से प्रधानाध्यापक का कार्यभार संभाल रहा हो।इस निर्णय से हजारों शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर 21 हजार से अधिक शिक्षक पदों पर भर्ती का रास्ता साफ होने से प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों में उत्साह का माहौल है।

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