आदि गंगा माँ गोमती में सैंकड़ों मछलियों की मौत से हड़कंप,केमिकल या प्रदूषण की आशंका पर भड़के श्रद्धालु
सुल्तानपुर धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी सुल्तानपुर के प्रमुख आस्था केंद्र सीताकुण्ड धाम पर उस समय हड़कंप मच गया जब आदि गंगा माँ गोमती के आंचल में सैंकड़ों की तादाद में मरी हुई मछलियां तैरती पाई गईं। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर सुबह घाट पर पहुंचे श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया। आशंका जताई जा रही है कि नदी के पानी में किसी घातक केमिकल का रिसाव हुआ है या फिर जल प्रदूषण का स्तर अचानक खतरनाक सीमा तक बढ़ गया है।
घटना की सूचना मिलते ही तट पर सक्रिय रहने वाले गोमती मित्र मण्डल के पदाधिकारी और सदस्य मौके पर एकत्र हो गए। गोमती मित्र मण्डल के प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह,प्रबंधक राजेंद्र शर्मा,मुन्ना सोनी,राजेश पाठक,आलोक तिवारी,दिनकर सिंह,अजय वर्मा,रामु सोनी समेत वहां मौजूद तमाम श्रद्धालुओं ने इस स्थिति पर गहरा दुख और कड़ा विरोध दर्ज कराया।संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि माँ गोमती को स्वच्छ और अविरल रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन इस तरह की घटनाएं पर्यावरण और जलीय जीवों के लिए एक बड़ा संकट है।तट पर मौजूद प्रबुद्ध नागरिकों और गोमती मित्रों ने स्थानीय प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मत्स्य विभाग से तत्काल इस मामले का संज्ञान लेने की मांग करते हुये कहा की नदी के पानी का सैंपल लेकर तत्काल लैब टेस्टिंग कराई जाए ताकि मौत की सही वजह (केमिकल या ऑक्सीजन की कमी) साफ हो सके और यदि यह किसी फैक्ट्री,गंदे नाले या शरारती तत्वों द्वारा नदी में जहरीला पदार्थ बहाया गया है, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।श्रद्धालुओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की गुणवत्ता में सुधार और इस घटना की निष्पक्ष जांच नहीं की गई, तो पर्यावरण प्रेमी और आम जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी। पवित्र सीताकुण्ड घाट पर इस तरह की लापरवाही आस्था और पर्यावरण दोनों के साथ खिलवाड़ है।


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