ब्रेकिंग न्यूज

हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल का स्लैब ढहा, 6 मजदूरों की मौत


हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का स्लैब ढह जाने से छह मजदूरों की मौत हो गई।जबकि कई अन्य मजदूर मलबे में फंस गए। यह हादसा गुरुवार देर रात तेज आंधी-तूफान के दौरान हुआ। घटना के बाद पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया, जो लगातार जारी है।जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात करीब तीन बजे निर्माणाधीन पुल पर काम कर रहे मजदूर कार्य समाप्त करने के बाद पुल के स्लैब के नीचे और आसपास आराम कर रहे थे। इसी दौरान तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि तेज हवाओं के दबाव से निर्माणाधीन पुल का विशाल स्लैब असंतुलित होकर अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा।स्लैब गिरने से उसके नीचे सो रहे मजदूर मलबे में दब गए। अंधेरी रात और मूसलाधार बारिश के बीच मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना अचानक हुआ कि मजदूरों को बचने का मौका तक नहीं मिला। मलबे में दबे लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने प्रशासन को सूचना दी।

एसडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। भारी मशीनों और बचाव उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया। रेस्क्यू के दौरान तीन मजदूर पुल के पिलर पर फंसे मिले, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बचाव दल सावधानीपूर्वक मलबा हटाकर अन्य फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है।इस हादसे में बांदा जिले के लोकेंद्र निषाद, कुलदीप निषाद, सावंत यादव और सभाजीत, जबकि हमीरपुर के पुष्पेंद्र सिंह चौहान और राजेश पाल की मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

हादसे के बाद निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मौसम विभाग द्वारा आंधी-तूफान की चेतावनी जारी किए जाने के बावजूद मजदूरों को निर्माणाधीन पुल के नीचे आराम करने की अनुमति क्यों दी गई, यह बड़ा सवाल बन गया है। मृतकों के परिजन और स्थानीय लोग निर्माण एजेंसी तथा जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग कर रहे हैं।पुल हादसे के अलावा तेज आंधी-तूफान से जिले के कई क्षेत्रों में पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे गिर गए। इससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई तथा शुरुआती बचाव कार्य में भी दिक्कतें आईं।

मुख्यमंत्री योगी ने जताया शोक

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में बेतवा नदी पर हुई यह दुर्घटना अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को एसडीआरएफ के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की है।

कोई टिप्पणी नहीं