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फर्जी शादी गैंग का भंडाफोड़,7 गिरफ्तार


गोरखपुर में एक असली दूल्हा और उसके परिवार को  झांसा देकर लाखों रुपए ऐंठने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। यह गैंग फर्जी दुल्हन से फर्जी शादी और जेल भेजने का डर दिखाकर लाखों रुपए ऐंठ लेता था। गोरखपुर पुलिस ने फर्जी शादी के झांसे  में लेकर पुलिस वाला बनकर लाखों रुपए ऐंठने वाले हिस्ट्रीशीटर और एक महिला समेत उसके गैंग के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जबकि फर्जी दुल्हन और उसकी मुंहबोली बहन फरार हो गई है। जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस अधीक्षक 
ने शनिवार को पुलिस लाइंस के व्हाइट हाउस में घटना का खुलासा किया।चिलुआताल थाने की पुलिस ने शनिवार को 7 आरोपियों की गिरफ्तार किया है। वहीं दुल्हन और उसकी मुंह बोली बहन फरार हैं। जिनकी तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है।पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्यों ने राजस्थान के युवक को शादी के लिए गोरखपुर बुलाया था। यहां उसकी झूठी शादी भी एक लड़की से कराई गई। इसके बाद पुलिस बनकर उसके परिवार से आरोपियों ने 3.11 लाख रुपये वसूले थे। इस मामले में चिलुआताल थाने में 13 मार्च को मुकदमा दर्ज किया गया था।आरोपियों की पहचान चिलुआताल क्षेत्र के उसका गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह, कुड़वा के धीरेंद्र यादव उर्फ टुनटुन, सोनबरसा के रवि चौधरी, मोहरीपुर के मुन्ना जायसवाल, कुड़वा के नवमी शर्मा, गोरखनाथ क्षेत्र के बिलंतपुर खंता की शैला देवी और हरियाणा के फरीदाबाद निवासी राजू शर्मा के रूप में हुई।इनके पास से पुलिस ने करीब 1 लाख 65 हजार रुपये भी बरामद किया है।इसके अलावा कूटरचित पुलिस परिचय पत्र व 2 आधार कार्ड भी मिले हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शादी का झांसा देकर अंतरराज्यीय लोगों को गोरखपुर बुलाया जाता था।इसके बाद पुलिस बनकर दूल्हे और उनके परिजनों को बंधक बनाकर वसूली की जाती है।इसमें चिलुआताल का हिस्ट्रीशीटर अंकुर खुद इंस्पेक्टर बनता था। जबकि उसके साथ धीरेंद्र यादव उर्फ टुनटुन, रवि चौधरी, मुन्ना जायसवाल, नवमी शर्मा सिपाही और दिवान बनते थे। डरा धमका के बाहर के लोगों से वसूली की जाती थी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि राजस्थान के कोटा के मुकेश मीणा अपने भाई ब्रहमोहन मीणा की शादी खोज रहे थे। दलाल राजू शर्मा ने गोरखपुर की एक लड़की की फोटो दिखाकर शादी तय कराई थी। इसके बाद उन्हें दलाल राजू शर्मा 12 मार्च 2026 को गोरखपुर लेकर आया था। चिलुआताल इलाके के हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह के घर शैला देवी शादी के लिए एक लड़की को लेकर आई थीं। शैला देवी खुद को दुल्हन की मौसी बताई थीं।यहीं पर उस लड़की से ब्रजमोहन की शादी कराई गई।शादी होते ही अंकुर वहां पुलिस इंस्पेक्टर बनकर पहुंचा। उसके साथ उसके साथी सिपाही बनकर पहुंचे थे।उन्होंने ब्रजमोहन मीणा को पकड़ लिया। इसके बाद पूरे परिवार को धमकाते हुए बंधक बना लिया। अंकुर बोला कि फर्जी शादी करते हो तुम्हें जेल भिजवाएंगे। डरा धमका कर उनसे पैसे की डिमांड की।इसी बीच ब्रजमोहन ने कोटा फोन मिलाकर अपनी पत्नी को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पैसे भेजो हम लोगों को बंधक बनाया गया है।इस तरह आरोपियों ने मिलकर रुपए वसूल लिए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 7 आरोपियों को पकड़ने के बाद उनके पास से 1 लाख 65 हजार रुपये बरामद कर लिए गए हैं। इनके अन्य साथियों की तलाश चल रही है।सभी आरोपी गिरोह बनाकर शादी के नाम पर फर्जीवाड़ा करते हैं।

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