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युवाओं को ‘हैंडलर’ बनाने का झांसा: ISI का नया जासूसी नेटवर्क बेनकाब


पाकिस्तान में बैठे ISI हैंडलर अब देश के युवाओं को जासूसी और देशविरोधी गतिविधियों में शामिल करने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब केवल रुपयों का लालच ही नहीं बल्कि युवाओं को भविष्य में ISI हैंडलर बनाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया जा रहा है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी एक महिला संपर्क मीरा के माध्यम से भी जुड़े हुए थे।जो ISI के लिए काम कर रही है। वह युवाओं को कहती थी कि अच्छा काम करने पर उन्हें हैंडलर बना दिया जाएगा।बुटराड़ा गांव के समीर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों को 2 से 3 साल तक काम करने के बाद हैंडलर बनाने और हर माह मोटी रकम देने का लालच दिया गया था। जांच के अनुसार पाकिस्तानी हैंडलर सरफराज द्वारा शामली के बुटराड़ा निवासी समीर समेत बिहार, दिल्ली, गाजियाबाद, पटना और वेस्ट यूपी के अन्य जिलों के युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल किया गया था। इन युवाओं से रेलवे स्टेशनों व अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की फोटो और वीडियो मंगवाई जाती थीं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आशंका है कि जिले के अन्य युवक भी ऐसे नेटवर्क के संपर्क में हो सकते हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस क्राइम ब्रांच और सर्विलांस सेल को लगाया गया है।पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि युवाओं को विदेशी नंबरों के माध्यम से ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाती थी। उन्हें बताया जाता था कि किस तरह वीडियो और फोटो भेजनी है और GPS लोकेशन ऑन रखनी है। शक से बचने के लिए ट्रेनिंग का समय रात 8 बजे के बाद रखा जाता था।पुलिस के अनुसार ISI का शिकार कम पढ़े-लिखे युवाओं को आसानी से निशाना बना रहे हैं। पकड़ा गया समीर केवल आठवीं कक्षा तक पढ़ा है और मजदूरी करता था। पूर्व में भी शामली के कलीम और उसका भाई तहसीम पकड़े जा चुके हैं।जो पांचवीं और आठवीं तक पढ़े थे और रेहड़ी लगाकर जीविका चलाते थे।शामली के बाबरी क्षेत्र के गांव बुटराड़ा निवासी आठवीं पास समीर (22) गांव में मजदूरी करते हुए पाकिस्तान का जासूस बन गया। चार दिन पहले शनिवार शाम को गाजियाबाद पुलिस समीर को हिरासत में लेकर गई थी। लंबी पूछताछ व जांच-पड़ताल के बाद गाजियाबाद पुलिस ने उसे देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार दिखाया है। उसके साथ पुलिस ने 2 अन्य आरोपी समीर उर्फ शूटर हाल निवासी चांदनी चौक दिल्ली मूल निवासी झुनझुना बस्ती सोमापुर भागलपुर बिहार और शिवराज निवासी भोवापुर कौशांबी गाजियाबाद मूल पता बहादरपुर शाहजहांपुर भी गिरफ्तार किया है।पूछताछ में सामने आया कि समीर विभिन्न सुरक्षा बल के ठिकानों व अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों रेलवे स्टेशनों आदि की रेकी कराकर उनके फोटो व वीडियो और जीपीएस लोकेशन विदेशी नंबरों पर भेजता था।ISI एजेंट के आरोप में गिरफ्तार समीर की करीब डेढ़ साल पहले वर्ष 2024 के आखिर में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गिरोह के मुख्य सदस्य मूल निवासी बिहार हाल निवासी मेरठ निवासी नौशाद के संपर्क में इंस्टाग्राम के माध्यम से आया था। इसके बाद उन दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और नौशाद से दोस्ती हुई। नौशाद ने उसे सीमापार पाकिस्तान से राष्ट्रविरोधी गतिविधियां संचालित होने वाले व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया।इस ग्रुप पर मथुरा निवासी मीरा पहले से ही जुड़ी थी। नौशाद व मीरा को गाजियाबाद पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इसी ग्रुप के माध्यम से वह मीरा के संपर्क में आया। पुलिस की जांच में सामने आया कि मीरा ने उसे मथुरा बुलाया था और वहां उसे हनीट्रैप में फंसाया। मीरा के कहने पर वह मध्यप्रदेश में पिस्टल की तस्करी में भी शामिल हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि वह मीरा के साथ मुंबई भी गया था। वहां पर उसे हथियार दिखाते हुए उनकी तस्करी करने के धंधे से जुड़ने का ऑफर दिया गया था। 

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