सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पर अश्लील कंटेंट परोसने का आरोप, साइबर थाने में केस दर्ज
लखनऊ आगरा जिले में सोशल मीडिया पर अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट की बढ़ती समस्या को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। आगरा के कमलानगर इलाके में रहने वाली एक महिला ने एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के खिलाफ साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि उसके बच्चों के मोबाइल पर इंस्टाग्राम रील देखते समय अचानक एक अश्लील वीडियो आ गया, जिससे वह बेहद आहत और नाराज हो गई।पीड़िता के अनुसार उसके बच्चे मोबाइल पर सामान्य रील्स देख रहे थे। इसी दौरान एक इंस्टाग्राम यूजर आईडी से प्रसारित की जा रही गंदी और आपत्तिजनक क्लिप अचानक स्क्रीन पर आ गई। वीडियो में अश्लील दृश्य और ऑडियो था। महिला ने तुरंत बच्चों से मोबाइल छीन लिया और वीडियो बंद कराया। इसके बाद उसने संबंधित इंस्टाग्राम आईडी की जांच की तो पाया कि उस अकाउंट पर लगातार अश्लील कंटेंट अपलोड किया जा रहा है।महिला ने बताया कि जिस नाम से यह कंटेंट डाला जा रहा है, उस नाम की दो इंस्टाग्राम आईडी बनाई गई हैं। दोनों ही अकाउंट पर करीब 4.50 लाख (450.K) फॉलोअर्स हैं। इतना ही नहीं, संबंधित यूजर की फेसबुक आईडी पर भी लगभग 10 हजार फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं। आरोपी यूजर आईडी पर एक महिला आपत्तिजनक सामग्री के साथ वीडियो और रील बनाकर पोस्ट कर रही है, जिन्हें लाखों लोग देख चुके हैं। कई वीडियो पर 14-14 मिलियन (14.M) से ज्यादा व्यूज होने की बात भी सामने आई है।पीड़िता का कहना है कि इन वीडियो पर किए गए कई कमेंट इतने आपत्तिजनक हैं कि उन्हें लिखा या दिखाया नहीं जा सकता। महिला का आरोप है कि इस तरह का कंटेंट बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है और समाज में गलत संदेश फैला रहा है।मामले को लेकर पीड़िता ने आगरा के साइबर थाने में संबंधित इंस्टाग्राम यूजर आईडी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उसने मांग की है कि आरोपी के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की जाए और इस तरह की अश्लील सामग्री परोसने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स को तुरंत बंद कराया जाए।साइबर पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से संबंधित अकाउंट्स की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के बाद आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया पर कंटेंट की निगरानी और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कदम उठाने चाहिए। ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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