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माघ मेला में उमड़ा आस्था का सैलाब


प्रयागराज में एक बार फिर आस्था का विराट दृश्य देखने को मिल रहा है। पिछले साल इसी समय महाकुंभ के दौरान जैसी भीड़ और श्रद्धा का नजारा था, वैसा ही माहौल इन दिनों संगम नगरी में माघ मेले के कारण बना हुआ है। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर संगम तट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है।हर ओर खचाखच भीड़, जगह-जगह तैनात पुलिस बल और साधु-संतों का रैला नजर आ रहा है। लोग आस्था की डुबकी लगाने के लिए दूर-दूर से प्रयागराज पहुंचे हैं। प्रशासन के अनुसार, कल शाम तक करीब 80 लाख श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके थे, जबकि आज सुबह 10 बजे तक 36 लाख से अधिक लोग पवित्र स्नान कर चुके हैं। अनुमान है कि आज कुल मिलाकर करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालु संगम में स्नान करेंगे।सुबह 4 बजे से ही 7 डिग्री सेल्सियस के ठंडे तापमान में श्रद्धालु “जय गंगा मैया” और “हर-हर महादेव” के उद्घोष के साथ संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। संगम क्षेत्र में इतनी भीड़ है कि पैर रखने तक की जगह नहीं बची है।स्नान के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु लेटे हनुमान जी के दर्शन के लिए भी पहुंच रहे हैं। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल अक्षयवट के दर्शन बंद कर दिए हैं। इसके साथ ही सुरक्षा कारणों से संगम क्षेत्र में नावों का संचालन भी रोक दिया गया है।प्रशासन द्वारा भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि माघ मेले के दौरान श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम तरीके से अपनी आस्था पूरी कर सकें।मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आज सुबह 10 बजे तक संगम तट पर 36 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। यह अनुमान है कि मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त दिन भर चलने के कारण शाम तक यह संख्या एक करोड़ पार कर सकती है। मेला प्रशासन ने इस बार दो से ढाई करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान जताया है, जिसके लिए 24 स्नान घाटों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए एक हाईटेक रिस्पांस प्लान लागू किया गया है, जिसमें आधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम की स्थापना भी शामिल है। नदी की धारा में आए बदलावों को देखते हुए घाटों में आंशिक संशोधन भी किए गए हैं।

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