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एक कॉल से खुला 1.5 करोड़ का खेल


लखनऊ झांसी में सेंट्रल GST विभाग की एक हाई-प्रोफाइल घूसखोरी का मामला सामने आया है। जहां CBI ने IRS अफसर और CGST की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को गिरफ्तार किया है। 1.5 करोड़ रुपए की रिश्वत डील 70 लाख की पहली किस्त गोल्ड में रकम बदलने का निर्देश और एक रिकॉर्डेड फोन कॉल ।इस पूरे खेल का पर्दाफाश सिर्फ एक कॉल से हो गया।CBI की इस कार्रवाई में झांसी और ग्वालियर तक छापेमारी कर 1.60 करोड़ रुपए से ज्यादा कैश, सोना-चांदी और संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए गए हैं। दरअसल CBI ने लंबा जाल बिछाया था और योजना भी स्पष्ट थी GST सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय कुमार शर्मा के जरिए 70 लाख रुपए की पहली किस्त को पकड़ना।मंगलवार की सुबह जैसे ही अनिल ने फोन उठाया और प्रभा भंडारी से कहा मैडम पार्टी से 70 लाख रुपए आ गए हैं तुरंत ही प्रभा भंड़ारी ने जवाब दिया बहुत बढ़िया।इसे गोल्ड में कनवर्ट कराकर मुझे दे दो और बस यही एक कॉल साबित हुई CBI के लिए सबूत।उस समय प्रभा भंडारी दिल्ली में थीं। और कुछ ही घंटों में CBI की टीम उन्हें गिरफ्तार कर झांसी से दिल्ली तक ले गई।दरअसल झांसी में सेंट्रल जीएसटी (CGST) की डिप्टी कमिश्नर और 2016 बैच की IRS अधिकारी प्रभा भंडारी को CBI ने घूसखोरी के मामले में गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब CBI ने 70 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए 2 GST सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय कुमार शर्मा को रंगे हाथ पकड़ा। पूछताछ में दोनों सुपरिटेंडेंट ने खुलासा किया कि इस पूरे रिश्वतकांड की मास्टरमाइंड डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी हैं।उनके मुताबिक जय दुर्गा हार्डवेयर फर्म पर हुए GST छापे को रफा-दफा करने के बदले 1.5 करोड़ रुपए की डील तय हुई थी। जिसमें 70 लाख रुपए पहली किस्त के तौर पर लिए जा रहे थे।CBI अधिकारियों ने अपने सामने सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी से प्रभा भंडारी को फोन करवाया।कॉल रिकॉर्ड की गई। फोन उठाते ही अनिल ने कहा मैडम पार्टी से 70 लाख रुपए आ गए हैं। इसके जवाब में प्रभा भंडारी ने कहा बहुत बढ़िया इसे गोल्ड में कनवर्ट कराकर मुझे दे दो। इसी कॉल के आधार पर CBI ने दिल्ली में मौजूद प्रभा भंडारी को गिरफ्तार कर लिया।19 दिसंबर को प्रभा भंडारी के नेतृत्व में CGST टीम ने झांसी के झोकन बाग इलाके में स्थित जय दुर्गा हार्डवेयर फर्म पर छापा मारा था। फर्म पर करीब 13 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी का मामला बन रहा था। जांच के दौरान टीम 3 बोरे कागजात जब्त कर ले गई थी। इसके बाद इस केस को निपटाने के लिए डेढ़ करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी गई। यह बातचीत फर्म मालिक राजू मंगनानी और उनके वकील नरेश कुमार गुप्ता के जरिए चल रही थी। इसी की सूचना CBI को मिल गई।CBI गिरफ्त में आई प्रभा भंडारी 2016 बैच की IRS अधिकारी हैं।CGST में डिप्टी कमिश्नर 7वें वेतन आयोग के तहत करीब 1.30 लाख रुपए इन-हैंड सैलरी, सरकारी आवास, वाहन और अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं

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