निषाद समाज के सम्मान पर चोट बर्दाश्त नहीं: डॉ. संजय निषाद
सुलतानपुर जिले के कुरेभार क्षेत्र के पटना चौराहे पर निषाद पार्टी के तत्वावधान में आयोजित “संवैधानिक सुरक्षा अधिकार महासम्मेलन” में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने गोरखपुर में निषाद समाज से जुड़े नेता के साथ कथित मारपीट और अभद्रता की घटना को लेकर तीखी नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि किसी निषाद नेता के गाल पर पड़ा थप्पड़ केवल व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पूरे निषाद समाज के सम्मान पर चोट है।महासम्मेलन में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. संजय निषाद ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर गोरखपुर की एक घटना का वीडियो देखा, जिसमें निषाद समाज के लोगों के साथ कथित तौर पर मारपीट और गाली-गलौज की गई। वीडियो देखने के बाद वह काफी व्यथित हुए और उन्होंने तत्काल निषाद समाज के नेता रामनगीना साहनी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया।उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने वर्षों तक पार्टी का झंडा उठाया और कठिन परिस्थितियों में संगठन के लिए काम किया, उसके साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। डॉ. संजय निषाद ने कहा कि “यह गाली केवल रामनगीना साहनी को नहीं दी गई, बल्कि निषाद समाज और डॉ. संजय निषाद को दी गई है। थप्पड़ उनके गाल पर नहीं, निषाद समाज के गाल पर पड़ा है।कैबिनेट मंत्री ने कहा कि उनके लिए पार्टी हित और गठबंधन हित महत्वपूर्ण हैं, लेकिन समाज के सम्मान और अधिकारों का प्रश्न उससे भी ऊपर है। उन्होंने कहा कि वह समाज के हित में खड़े होने से पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह समाजवादी पार्टी अथवा भारतीय जनता पार्टी के विरोधी नहीं हैं, लेकिन दोनों दलों में मौजूद निषाद नेताओं की चुप्पी पर उन्हें आपत्ति है।उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों से समाज अपेक्षा करता है कि जब उनके समाज के किसी व्यक्ति के साथ अन्याय हो तो वे आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव के कारण समाज के मुद्दों पर चुप्पी साध लेना उचित नहीं है।डॉ. संजय निषाद ने बताया कि उन्होंने समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से भी इस मामले में बातचीत की और मांग रखी कि घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने संबंधित नेताओं के घर और कार्यालय के घेराव की चेतावनी दी थी। इसके बाद मामले में कार्रवाई की गई।महासम्मेलन में उन्होंने निषाद समाज से एकजुट होकर अपने संवैधानिक अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निषाद समाज के जो लोग किसी भी राजनीतिक दल में हैं, यदि वे समाज के हित में आवाज उठाते हैं तो उनका सम्मान होना चाहिए। वहीं, समाज के साथ अन्याय होने पर चुप रहने वालों को भी आत्ममंथन करना चाहिए।उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी का उद्देश्य निषाद समाज समेत वंचित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करना है। “जो हमारे समाज के सम्मान और अधिकार की बात करेगा, वह हमारा साथी है। समाज के साथ अन्याय करने वालों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जाएगी।”महासम्मेलन में डॉ. संजय निषाद ने संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक सम्मान और राजनीतिक भागीदारी को लेकर भी समाज के लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में निषाद समाज के लोग मौजूद रहे।



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