चोरी करने पहुंचे थे स्कूल, पहचान उजागर होते ही कर दी शिक्षक दंपती की हत्या
सुल्तानपुर कादीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हीडड़िया स्थित मनराजी शिक्षण संस्थान में शिक्षक दंपती मुकेश कुमार सिंह और उनकी पत्नी विनीता सिंह की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने सात दिन के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक, दोहरे हत्याकांड को चोरी की नीयत से अंजाम दिया गया था।
वारदात में शामिल दो आरोपियों को कादीपुर पुलिस और एसओजी टीम ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त रक्तरंजित फावड़ा व कुल्हाड़ी, चोरी की रकम, मृतका का आधार कार्ड और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद किए गए हैं। बरामद कपड़ों पर खून के निशान भी मिले हैं।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी कादीपुर के पर्यवेक्षण में पुलिस टीमों ने घटना का अनावरण किया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राकेश कुमार यादव (36) पुत्र स्व. लहुरी यादव, निवासी कुम्ही डडिया और आशीष यादव उर्फ डब्बू यादव (26)पुत्र हरिनाथ यादव, निवासी कुम्ही डडिया के रूप में की है।पुलिस के अनुसार, 28/29 सितंबर की मध्यरात्रि मनराजी शिक्षण संस्थान में मुकेश कुमार सिंह और उनकी पत्नी विनीता सिंह की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। घटना के संबंध में 29 सितंबर को मृतक के भाई अखिलेश सिंह की तहरीर पर कादीपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी विनीत जायसवाल ने तत्काल मौके का निरीक्षण कराया और घटना के शीघ्र अनावरण के लिए एसओजी एवं सर्विलांस सहित कुल पांच पुलिस टीमों का गठन किया। फील्ड यूनिट और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक एवं फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस टीमों की लगातार जांच, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर सोमवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस पूछताछ में आरोपी राकेश कुमार यादव ने बताया कि वह मनराजी शिक्षण संस्थान में बस चलाने और कंप्यूटर पढ़ाने का काम करता था। इसी कारण उसे स्कूल और कार्यालय की पूरी जानकारी थी। उसे कार्यालय में रखी अलमारी, चाबी और सीसीटीवी कैमरों की स्थिति के बारे में भी जानकारी थी। उसका पड़ोसी और पट्टीदार आशीष यादव उर्फ डब्बू भी उसके साथ था। दोनों ने स्कूल में चोरी करने की योजना बनाई थी। 28 सितंबर की रात दोनों चोरी की नीयत से शिक्षण संस्थान पहुंचे। राकेश ने कार्यालय में रखी चाबी से अलमारी का लॉकर खोलकर नकदी निकालनी शुरू की। इसी दौरान विनीता सिंह ने दोनों को देख लिया और विरोध करते हुए पकड़ने का प्रयास किया। पहचान लिए जाने के डर से राकेश ने पास में रखे फावड़े से विनीता सिंह पर कई वार कर दिए। इसी दौरान मुकेश कुमार सिंह ने घटना देख ली। वह जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे, लेकिन दोनों आरोपियों ने उनका पीछा किया और कुल्हाड़ी से हमला कर उनकी भी हत्या कर दी।वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी लॉकर में रखी नकदी के साथ विनीता सिंह का मोबाइल फोन और आधार कार्ड लेकर मौके से फरार हो गए।पूछताछ में पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि घटना के बाद राकेश ने मृतका के मोबाइल फोन से रात में कई ट्रांजेक्शन किए। बाद में पकड़े जाने के भय से उसने मोबाइल फोन कुएं में फेंक दिया। पुलिस अब इस मोबाइल और उससे संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को भी विवेचना में शामिल कर रही है।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर कुल 34,960 रुपये नकद बरामद किए हैं। राकेश कुमार यादव के पास से 18,220 रुपये और मृतका विनीता सिंह का आधार कार्ड मिला, जबकि आशीष यादव उर्फ डब्बू के पास से 16,740 रुपये बरामद किए गए।इसके अलावा पुलिस ने घटना के समय आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े भी बरामद किए। राकेश के पास से सफेद-काले छींटदार हाफ कैप्री/बरमूडा और लाल रंग की गोल गले वाली टी-शर्ट बरामद हुई। वहीं आशीष यादव के पास से नीले रंग की जींस पैंट तथा सफेद-काली लाइन वाली टी-शर्ट बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, इन कपड़ों पर खून के निशान मौजूद हैं।आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त रक्तरंजित फावड़ा और कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई है। पुलिस इन हथियारों और बरामद कपड़ों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजकर वैज्ञानिक साक्ष्यों को विवेचना का हिस्सा बनाएगी।दोनों आरोपियों को सोमवार 5 अक्टूबर को कादीपुर थाना क्षेत्र में बुढ़ाना पुल के पास बड़ी नहर की पुलिया से करीब 50 मीटर पूर्व गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने वैज्ञानिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों के संकलन एवं विवेचना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की है।पुलिस के मुताबिक, वैज्ञानिक एवं फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर विवेचना पूरी कर दोनों आरोपियों के विरुद्ध शीघ्र आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया जाएगा। साथ ही ऑपरेशन कनविक्शन के तहत प्रभावी पैरवी कर आरोपियों को न्यायालय से अधिकतम दंड दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
वारदात में शामिल दो आरोपियों को कादीपुर पुलिस और एसओजी टीम ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त रक्तरंजित फावड़ा व कुल्हाड़ी, चोरी की रकम, मृतका का आधार कार्ड और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद किए गए हैं। बरामद कपड़ों पर खून के निशान भी मिले हैं।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी कादीपुर के पर्यवेक्षण में पुलिस टीमों ने घटना का अनावरण किया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राकेश कुमार यादव (36) पुत्र स्व. लहुरी यादव, निवासी कुम्ही डडिया और आशीष यादव उर्फ डब्बू यादव (26)पुत्र हरिनाथ यादव, निवासी कुम्ही डडिया के रूप में की है।पुलिस के अनुसार, 28/29 सितंबर की मध्यरात्रि मनराजी शिक्षण संस्थान में मुकेश कुमार सिंह और उनकी पत्नी विनीता सिंह की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। घटना के संबंध में 29 सितंबर को मृतक के भाई अखिलेश सिंह की तहरीर पर कादीपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी विनीत जायसवाल ने तत्काल मौके का निरीक्षण कराया और घटना के शीघ्र अनावरण के लिए एसओजी एवं सर्विलांस सहित कुल पांच पुलिस टीमों का गठन किया। फील्ड यूनिट और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक एवं फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस टीमों की लगातार जांच, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर सोमवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस पूछताछ में आरोपी राकेश कुमार यादव ने बताया कि वह मनराजी शिक्षण संस्थान में बस चलाने और कंप्यूटर पढ़ाने का काम करता था। इसी कारण उसे स्कूल और कार्यालय की पूरी जानकारी थी। उसे कार्यालय में रखी अलमारी, चाबी और सीसीटीवी कैमरों की स्थिति के बारे में भी जानकारी थी। उसका पड़ोसी और पट्टीदार आशीष यादव उर्फ डब्बू भी उसके साथ था। दोनों ने स्कूल में चोरी करने की योजना बनाई थी। 28 सितंबर की रात दोनों चोरी की नीयत से शिक्षण संस्थान पहुंचे। राकेश ने कार्यालय में रखी चाबी से अलमारी का लॉकर खोलकर नकदी निकालनी शुरू की। इसी दौरान विनीता सिंह ने दोनों को देख लिया और विरोध करते हुए पकड़ने का प्रयास किया। पहचान लिए जाने के डर से राकेश ने पास में रखे फावड़े से विनीता सिंह पर कई वार कर दिए। इसी दौरान मुकेश कुमार सिंह ने घटना देख ली। वह जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे, लेकिन दोनों आरोपियों ने उनका पीछा किया और कुल्हाड़ी से हमला कर उनकी भी हत्या कर दी।वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी लॉकर में रखी नकदी के साथ विनीता सिंह का मोबाइल फोन और आधार कार्ड लेकर मौके से फरार हो गए।पूछताछ में पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि घटना के बाद राकेश ने मृतका के मोबाइल फोन से रात में कई ट्रांजेक्शन किए। बाद में पकड़े जाने के भय से उसने मोबाइल फोन कुएं में फेंक दिया। पुलिस अब इस मोबाइल और उससे संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को भी विवेचना में शामिल कर रही है।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर कुल 34,960 रुपये नकद बरामद किए हैं। राकेश कुमार यादव के पास से 18,220 रुपये और मृतका विनीता सिंह का आधार कार्ड मिला, जबकि आशीष यादव उर्फ डब्बू के पास से 16,740 रुपये बरामद किए गए।इसके अलावा पुलिस ने घटना के समय आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े भी बरामद किए। राकेश के पास से सफेद-काले छींटदार हाफ कैप्री/बरमूडा और लाल रंग की गोल गले वाली टी-शर्ट बरामद हुई। वहीं आशीष यादव के पास से नीले रंग की जींस पैंट तथा सफेद-काली लाइन वाली टी-शर्ट बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, इन कपड़ों पर खून के निशान मौजूद हैं।आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त रक्तरंजित फावड़ा और कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई है। पुलिस इन हथियारों और बरामद कपड़ों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजकर वैज्ञानिक साक्ष्यों को विवेचना का हिस्सा बनाएगी।दोनों आरोपियों को सोमवार 5 अक्टूबर को कादीपुर थाना क्षेत्र में बुढ़ाना पुल के पास बड़ी नहर की पुलिया से करीब 50 मीटर पूर्व गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने वैज्ञानिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों के संकलन एवं विवेचना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की है।पुलिस के मुताबिक, वैज्ञानिक एवं फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर विवेचना पूरी कर दोनों आरोपियों के विरुद्ध शीघ्र आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया जाएगा। साथ ही ऑपरेशन कनविक्शन के तहत प्रभावी पैरवी कर आरोपियों को न्यायालय से अधिकतम दंड दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

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