BHU में पहली बार 8 विषयों में स्पेशलाइज्ड ज्योतिष OPD
लखनऊ बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में ज्योतिष परामर्श की व्यवस्था को अब अस्पताल की OPD की तर्ज पर स्पेशलाइज्ड किया गया है। विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के ज्योतिष विभाग की पंचांग यूनिट में पहली बार 8 अलग-अलग विषयों के लिए विशेष ज्योतिषीय परामर्श की व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत जन्म कुंडली, मुहूर्त तिथि, विवाह-मेलापक, वास्तु के आधार पर जमीन का नक्शा, मिट्टी में सुधार, रत्नधारण और कर्मकांड समेत विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ ज्योतिषाचार्यों से परामर्श लिया जा सकेगा।इसके लिए पंचांग यूनिट में एक समर्पित एयरकंडीशंड कार्यालय भी तैयार किया गया है। सप्ताह में 6 दिन कक्षाएं पूरी होने के बाद शाम 4 से 5 बजे तक ज्योतिष OPD संचालित की जा रही है। विभाग के अनुसार प्रतिदिन करीब 10 से 15 लोग परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं।नई व्यवस्था में शादियों, गृह प्रवेश और अन्य अनुष्ठानों के लिए मुहूर्त निकलवाने की फीस 100 रुपये निर्धारित की गई है। वहीं जन्म कुंडली, वर्ष कुंडली और प्रश्न कुंडली के आधार पर परामर्श लेने के लिए 250 रुपये शुल्क देना होगा।वास्तुशास्त्रीय परामर्श के तहत मिट्टी में सुधार के लिए 500 रुपये और मानचित्र संशोधन के लिए 1000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। रत्न धारण और कर्मकांड से संबंधित परामर्श के लिए 250-250 रुपये शुल्क रखा गया है।BHU के प्रोफेसर ज्योतिषाचार्य को व्यक्तिगत रूप से किसी आयोजन या परामर्श के लिए जिले से बाहर ले जाने पर 21 हजार रुपये तथा जिले के भीतर ले जाने पर 11 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त वाहन का खर्च अलग से देना होगा। निर्धारित शुल्क में 50 प्रतिशत हिस्सा ज्योतिषाचार्य की दक्षिणा के रूप में शामिल किया गया है।विभाग के अनुसार परामर्श के लिए जमा की जाने वाली फीस का 50 प्रतिशत हिस्सा संबंधित ज्योतिषाचार्य को दक्षिणा के रूप में दिया जाएगा। उदाहरण के तौर पर 100 रुपये में मुहूर्त निकलवाने पर 50 रुपये ज्योतिषाचार्य के खाते में दक्षिणा के रूप में क्रेडिट होंगे। शेष राशि विभागीय एवं अन्य खर्चों के लिए रखी जाएगी।बीएचयू में इससे पहले ज्योतिष परामर्श के तहत मुख्य रूप से कुंडली देखने और बनाने की सुविधा उपलब्ध थी, जिसकी फीस 100 रुपये निर्धारित थी। अब व्यवस्था को व्यापक करते हुए लोगों की अलग-अलग जरूरतों और समस्याओं के अनुसार विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है।विभागाध्यक्ष एवं ज्योतिष परामर्श केंद्र के समन्वयक प्रो. शत्रुघ्न त्रिपाठी ने बताया कि परामर्श व्यवस्था को स्पेशलाइज्ड करने का उद्देश्य यह है कि व्यक्ति जिस समस्या को लेकर केंद्र पर पहुंचे, उसे उसी विषय से संबंधित विशेषज्ञ समाधान उपलब्ध करा सके। जरूरत के अनुसार उपाय, राय और पूरी रिपोर्ट भी तैयार कर दी जाती है।परामर्श के बाद फॉलोअप की सुविधा भी रखी गई है। सामान्य तौर पर दोबारा परामर्श के लिए निर्धारित शुल्क देना होगा, हालांकि एक माह के भीतर दोबारा आने वाले व्यक्ति से फॉलोअप के लिए अलग शुल्क नहीं लिया जाएगा।ज्योतिष एवं कर्मकांड परामर्श केंद्र की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार सप्ताह के छह दिन अलग-अलग प्रोफेसर और विशेषज्ञ लोगों को परामर्श देंगे। सोमवार को प्रो. गिरिजाशंकर, मंगलवार को प्रो. विनय कुमार पांडेय एवं डॉ. रामेश्वर शर्मा, बुधवार को प्रो. रामजीवन मिश्र, बृहस्पतिवार को प्रो. शत्रुघ्न त्रिपाठी एवं डॉ. रामेश्वर शर्मा, शुक्रवार को प्रो. सुभाष पांडेय तथा शनिवार को डॉ. सुशील कुमार गुप्ता परामर्श देंगे।विभाग के अनुसार प्रतिदिन सीमित संख्या में लोगों को परामर्श दिया जा रहा है, ताकि प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को पर्याप्त समय देकर समझा जा सके और संबंधित विषय के अनुसार परामर्श उपलब्ध कराया जा सके।

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