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डीएम की अध्यक्षता में जिला स्वच्छता समिति की समीक्षा बैठक हुई आयोजित


सुल्तानपुर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिला स्वच्छता समिति, उत्सव भवन एवं डिजिटल लाइब्रेरी/ऑडिट की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।जिलाधिकारी  ने सर्वप्रथम ऑडिट की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान 06 ऑडिट प्रस्तर लंबित पाए गए। जिलाधिकारी  ने सभी लंबित प्रस्तरों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबित प्रस्तरों का समयबद्ध निस्तारण न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों/सचिवों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए डीपीआरओ को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला स्वच्छता समिति की समीक्षा के दौरान पाया गया कि व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के निर्धारित 10,124 के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 3722 शौचालयों का निर्माण कराया गया है। जिलाधिकारी  ने कार्य में तेजी लाते हुए लंबित प्रकरणों को जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए।  आरआरसी निर्माण एवं संचालन की समीक्षा में अवगत कराया गया कि जनपद में 441 आरआरसी संचालित हैं, जबकि 213 आरआरसी निर्माणाधीन हैं। जिलाधिकारी  ने निर्माणाधीन आरआरसी को शीघ्र पूर्ण कराते हुए उनके प्रभावी संचालन के निर्देश दिए। गांवों में कूड़ा संग्रहण की स्थिति की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीणों को जागरूक एवं प्रेरित किया जाए, ताकि वे कूड़ा इधर-उधर फेंकने के बजाय कचरा गाड़ी को दें। उन्होंने गांवों को जीरो वेस्ट प्रोड्यूस गांव के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया। जिलाधिकारी  ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा करते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने गोबरधन योजना के अंतर्गत स्थापित 02 बायोगैस प्लांट के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रेट्रोफिटिंग कार्य के तहत निर्मित शौचालयों की मरम्मत की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के शौचालयों की आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए। ‘मेरा तालाब, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान के अंतर्गत जनपद में 100 से अधिक तालाबों का जीर्णाेद्धार कर उन्हें प्लास्टिक एवं कचरा मुक्त किए जाने की जानकारी जिलाधिकारी को दी गई। उन्होंने तालाबों की स्वच्छता एवं संरक्षण को निरंतर बनाए रखने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने पिछली बैठक में निर्देशित किया  कि प्रथम चरण में सभी खंड प्रेरक अपने-अपने विकासखंड से एक-एक गांव का चयन करें  कुल 14 गांवों को जीरो वेस्ट प्रोड्यूस गांव के रूप में विकसित किया जाए। चयनित गांवों में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन एवं जनजागरूकता से संबंधित कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करे। 6 गाँव को जीरो वेस्ट प्रोड्यूस गांव बनाया गया अभी बहुत गाँव प्रगति पर है जल्द ही जीरो वेस्ट प्रोड्यूस गांव की संख्या को 50 से अधिक किया जाएगा।  सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा के दौरान कार्य की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर जिलाधिकारी  ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्य को नियमानुसार एवं प्रभावी ढंग से कराने के निर्देश दिए। कंसल्टिंग इंजीनियरों के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों को बिंदुवार अलग से प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने डीसी स्वच्छ भारत मिशन को निर्देशित किया कि फील्ड में जाकर विभिन्न कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करें और प्रत्येक कार्मिक के कार्य निर्धारित करते हुए उन्हें स्पष्ट लक्ष्य दिया जाए।  जिलाधिकारी  ने कहा कि एक-एक गांव का चयन कर उसे सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आम जनता के साथ अच्छा व्यवहार करने, ग्रामीणों को जागरूक करने तथा अपने कार्यों के माध्यम से समाज एवं गांव में सकारात्मक परिवर्तन लाने के निर्देश दिए।  फिकल स्लज मैनेजमेंट की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि शासन द्वारा 02 फिकल स्लज मैनेजमेंट का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दोनों के लिए स्थान चिन्हित कर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। डिजिटल लाइब्रेरी की समीक्षा में अवगत कराया गया कि जनपद के 139 ग्रामों में डिजिटल लाइब्रेरी का संचालन किया जा रहा है। कुछ लाइब्रेरी में कंप्यूटर नहीं है जल्दी ही वहां कंप्युटर लगा दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि डिजिटल लाइब्रेरी में नवीनतम कंप्यूटर एवं आवश्यक डिजिटल सुविधाओं के साथ ऑनलाइन कोर्स भी जोड़े जाएं, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, शौचालय निर्माण, डिजिटल शिक्षा एवं ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

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