डीएम की अध्यक्षता में तहसील सदर में सम्पूर्ण समाधान दिवस का हुआ आयोजन
सुल्तानपुर शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में माह अगस्त के प्रथम शनिवार को तहसील सदर सभागार में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह ने जनसामान्य की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये ।
समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि प्रत्येक अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को सुने तथा उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य आमजन की सेवा है और प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष एवं संवेदनशील ढंग से निस्तारण किया जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि विभाग से संबंधित शिकायतों के निस्तारण हेतु कार्य प्रणाली को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाते हुए शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने राजस्व, पुलिस एवं विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि लेखपाल एवं राजस्व निरीक्षक गुणवत्तापूर्ण एवं तथ्यपरक आख्या प्रस्तुत करें तथा शिकायतों का वास्तविक एवं धरातलीय समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही शिकायतकर्ताओं के बैठने एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग जनसंतुष्टि को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए अपनी कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार करें। उन्होंने बताया कि जनपद में स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर सुदृढ़ किया जा रहा है तथा कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे, इसकी नियमित समीक्षा की जा रही है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 294 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 25 का निस्तारण मौके पर किया गया। सबसे अधिक प्रार्थना पत्र राजस्व विभाग से सम्बन्धित हैं जिसमें राशन और सप्लाई से सम्बन्धित समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया गया, विद्युत विभाग से सम्बन्धित प्रार्थना पत्रों तथा अन्य विभागों से सम्बन्धित प्रार्थना पत्रों में जिसका त्वरित निस्तारण सम्भव था किया गया है तथा शेष में फील्ड विजिट की आवश्यकता के दृष्टिगत सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया । मौके पर जाकर तथा दोनों पक्षों को सुनकर निष्पक्ष तथा गुणवत्तापूर्ण रूप से एक सप्ताह में शेष शिकायतों को निस्तारित कर अवगत करायें। इस अवसर पर विद्युत विभाग, फार्मर रजिस्ट्री, चिकित्सा विभाग एवं पूर्ति विभाग द्वारा मेगा कैंप आयोजित कर अलग-अलग सहायता काउंटर स्थापित किए गए, जहां शिकायतकर्ताओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई गई। जिन मामलों का तत्काल निस्तारण संभव नहीं था, उनमें समाधान की निर्धारित तिथि एवं समय की जानकारी शिकायतकर्ताओं को उपलब्ध कराई गई।जिलाधिकारी ने आईजीआरएस, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड एवं अन्य ऑनलाइन शिकायत निस्तारण प्रणालियों की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, तथ्यपरक एवं स्थलीय जांच के आधार पर निस्तारण किया जाए तथा विभागाध्यक्ष स्वयं रिपोर्ट का परीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण आख्या प्रस्तुत करें। किसी भी प्रकार की औपचारिक अथवा एकपक्षीय रिपोर्ट स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में विधिक अथवा न्यायालयीय बाध्यता हो, उनमें स्पष्ट तथ्यों के साथ कारण अंकित करते हुए आख्या प्रस्तुत की जाए। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता दर्शन एवं तहसील समाधान दिवस सहित अन्य माध्यमों से प्राप्त सभी प्रार्थना-पत्रों का गंभीरता से परीक्षण कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों में कार्यदायी संस्थाओं द्वारा संचालित निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विभागाध्यक्ष अपने विभाग से संबंधित निर्माण कार्यों का नियमित स्थलीय निरीक्षण करें तथा उसकी साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएं। कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही अथवा कार्यों में अनावश्यक विलंब की स्थिति में तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी नियमित फॉलो-अप, प्रभावी निगरानी एवं समन्वय के साथ कार्य करें तथा जनहित से जुड़े प्रत्येक कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए गये कि प्राप्त सभी शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी क्रम में जनपद की अन्य समस्त तहसीलों में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन कर जन शिकायतें सुनी गयी और सम्बन्धित तहसील स्तरीय अधिकारियों द्वारा निस्तारित किए गये तथा प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की गयी। इस अवसर पर समस्त सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि प्रत्येक अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को सुने तथा उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य आमजन की सेवा है और प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष एवं संवेदनशील ढंग से निस्तारण किया जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि विभाग से संबंधित शिकायतों के निस्तारण हेतु कार्य प्रणाली को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाते हुए शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने राजस्व, पुलिस एवं विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि लेखपाल एवं राजस्व निरीक्षक गुणवत्तापूर्ण एवं तथ्यपरक आख्या प्रस्तुत करें तथा शिकायतों का वास्तविक एवं धरातलीय समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही शिकायतकर्ताओं के बैठने एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग जनसंतुष्टि को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए अपनी कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार करें। उन्होंने बताया कि जनपद में स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर सुदृढ़ किया जा रहा है तथा कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे, इसकी नियमित समीक्षा की जा रही है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 294 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 25 का निस्तारण मौके पर किया गया। सबसे अधिक प्रार्थना पत्र राजस्व विभाग से सम्बन्धित हैं जिसमें राशन और सप्लाई से सम्बन्धित समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया गया, विद्युत विभाग से सम्बन्धित प्रार्थना पत्रों तथा अन्य विभागों से सम्बन्धित प्रार्थना पत्रों में जिसका त्वरित निस्तारण सम्भव था किया गया है तथा शेष में फील्ड विजिट की आवश्यकता के दृष्टिगत सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया । मौके पर जाकर तथा दोनों पक्षों को सुनकर निष्पक्ष तथा गुणवत्तापूर्ण रूप से एक सप्ताह में शेष शिकायतों को निस्तारित कर अवगत करायें। इस अवसर पर विद्युत विभाग, फार्मर रजिस्ट्री, चिकित्सा विभाग एवं पूर्ति विभाग द्वारा मेगा कैंप आयोजित कर अलग-अलग सहायता काउंटर स्थापित किए गए, जहां शिकायतकर्ताओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई गई। जिन मामलों का तत्काल निस्तारण संभव नहीं था, उनमें समाधान की निर्धारित तिथि एवं समय की जानकारी शिकायतकर्ताओं को उपलब्ध कराई गई।जिलाधिकारी ने आईजीआरएस, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड एवं अन्य ऑनलाइन शिकायत निस्तारण प्रणालियों की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, तथ्यपरक एवं स्थलीय जांच के आधार पर निस्तारण किया जाए तथा विभागाध्यक्ष स्वयं रिपोर्ट का परीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण आख्या प्रस्तुत करें। किसी भी प्रकार की औपचारिक अथवा एकपक्षीय रिपोर्ट स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में विधिक अथवा न्यायालयीय बाध्यता हो, उनमें स्पष्ट तथ्यों के साथ कारण अंकित करते हुए आख्या प्रस्तुत की जाए। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता दर्शन एवं तहसील समाधान दिवस सहित अन्य माध्यमों से प्राप्त सभी प्रार्थना-पत्रों का गंभीरता से परीक्षण कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों में कार्यदायी संस्थाओं द्वारा संचालित निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विभागाध्यक्ष अपने विभाग से संबंधित निर्माण कार्यों का नियमित स्थलीय निरीक्षण करें तथा उसकी साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएं। कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही अथवा कार्यों में अनावश्यक विलंब की स्थिति में तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी नियमित फॉलो-अप, प्रभावी निगरानी एवं समन्वय के साथ कार्य करें तथा जनहित से जुड़े प्रत्येक कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए गये कि प्राप्त सभी शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी क्रम में जनपद की अन्य समस्त तहसीलों में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन कर जन शिकायतें सुनी गयी और सम्बन्धित तहसील स्तरीय अधिकारियों द्वारा निस्तारित किए गये तथा प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की गयी। इस अवसर पर समस्त सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

कोई टिप्पणी नहीं