बारावफात जुलूस को लेकर कुड़वार थाने में पीस कमेटी की बैठक
सुलतानपुर आगामी 26 अगस्त को होने वाले बारावफात जुलूस को लेकर कुड़वार थाना परिसर में बुधवार को शांति एवं सुरक्षा समिति (पीस कमेटी) की बैठक आयोजित की गई। प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में जुलूस की रूपरेखा, निर्धारित मार्ग, डीजे की अनुमति, ध्वनि सीमा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आयोजकों एवं क्षेत्र के संभ्रांत लोगों के साथ विस्तार से चर्चा की गई।प्रभारी निरीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बारावफात जुलूस में धार्मिक झंडों के अलावा किसी भी प्रकार का आपत्तिजनक अथवा विदेशी झंडा नहीं लहराया जाएगा।
जुलूस में अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने आयोजकों से जुलूस को शांतिपूर्ण एवं निर्धारित नियमों के अनुसार निकालने की अपील की।थाना प्रभारी प्रवीण कुमार यादव ने कहा कि जुलूस में शामिल होने वाले सभी डीजे के लिए उपजिलाधिकारी कार्यालय से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। डीजे का संचालन निर्धारित डेसीबल सीमा और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ही किया जाएगा। बिना अनुमति डीजे शामिल करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि बारावफात का जुलूस पूर्व वर्षों की तरह निर्धारित रूटों से ही निकाला जाएगा। पुलिस द्वारा पूरे जुलूस की निगरानी के साथ रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अराजकता या नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।थाना प्रभारी ने आयोजकों को निर्देश दिया कि जुलूस की अनुमति समय से उपजिलाधिकारी कार्यालय से प्राप्त कर लें। उन्होंने कहा कि जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति द्वारा माहौल बिगाड़ने, अराजकता फैलाने अथवा निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी।कुड़वार कस्बे में बचनपुर, मियां की तकिया, कुड़वार कस्बा और हरखपुर से आने वाले जुलूस शामिल होंगे। जुलूस के दौरान कस्बे में यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन किया जाएगा।बाजार में सड़क किनारे अतिक्रमण कर दुकान लगाने वालों को भी पुलिस द्वारा जुलूस के दौरान अवैध अतिक्रमण न करने की हिदायत दी जाएगी, जिससे जुलूस के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।कोटवा गांव से निकलने वाला जुलूस कोटवा से इस्लामगंज, बिसैनी का पुरवा और अझुई होते हुए पुनः कोटवा गांव में पहुंचकर समाप्त होगा। वहीं राजापुर बाजार से निकलने वाला जुलूस बहमरपुर होते हुए अलीगंज कस्बे में जाकर समाप्त होगा।बैठक में पूर्व प्रधान नौशाद अहमद, प्रधान गंजेहड़ी हसीब, लतीफ नेता, पंकज तिवारी सहित क्षेत्र के दर्जनों लोग मौजूद रहे।
जुलूस में अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने आयोजकों से जुलूस को शांतिपूर्ण एवं निर्धारित नियमों के अनुसार निकालने की अपील की।थाना प्रभारी प्रवीण कुमार यादव ने कहा कि जुलूस में शामिल होने वाले सभी डीजे के लिए उपजिलाधिकारी कार्यालय से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। डीजे का संचालन निर्धारित डेसीबल सीमा और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ही किया जाएगा। बिना अनुमति डीजे शामिल करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि बारावफात का जुलूस पूर्व वर्षों की तरह निर्धारित रूटों से ही निकाला जाएगा। पुलिस द्वारा पूरे जुलूस की निगरानी के साथ रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अराजकता या नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।थाना प्रभारी ने आयोजकों को निर्देश दिया कि जुलूस की अनुमति समय से उपजिलाधिकारी कार्यालय से प्राप्त कर लें। उन्होंने कहा कि जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति द्वारा माहौल बिगाड़ने, अराजकता फैलाने अथवा निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी।कुड़वार कस्बे में बचनपुर, मियां की तकिया, कुड़वार कस्बा और हरखपुर से आने वाले जुलूस शामिल होंगे। जुलूस के दौरान कस्बे में यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन किया जाएगा।बाजार में सड़क किनारे अतिक्रमण कर दुकान लगाने वालों को भी पुलिस द्वारा जुलूस के दौरान अवैध अतिक्रमण न करने की हिदायत दी जाएगी, जिससे जुलूस के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।कोटवा गांव से निकलने वाला जुलूस कोटवा से इस्लामगंज, बिसैनी का पुरवा और अझुई होते हुए पुनः कोटवा गांव में पहुंचकर समाप्त होगा। वहीं राजापुर बाजार से निकलने वाला जुलूस बहमरपुर होते हुए अलीगंज कस्बे में जाकर समाप्त होगा।बैठक में पूर्व प्रधान नौशाद अहमद, प्रधान गंजेहड़ी हसीब, लतीफ नेता, पंकज तिवारी सहित क्षेत्र के दर्जनों लोग मौजूद रहे।

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