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गोंडा में अवैध दवाओं के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़


अवैध एवं नकली औषधियों के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने गोंडा में बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की दवाओं का जखीरा बरामद किया है।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मुख्यालय, लखनऊ के निर्देश पर 9 जनपदों के औषधि निरीक्षकों तथा स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने 16, 17 और 18 जुलाई तक लगातार तीन दिनों तक सघन छापेमारी अभियान चलाया।संयुक्त टीम को प्राप्त अभिसूचना के आधार पर गोंडा-बलरामपुर रोड स्थित जयनगरा, बड़गांव में संचालित अमन फार्मास्युटिकल्स की जांच के लिए पहुंची, लेकिन फर्म निर्धारित पते पर संचालित नहीं मिली और वहां कोई साइन बोर्ड भी नहीं पाया गया। इसके बाद टीम ने फर्म संचालक अमन कसौधन के घर पहुंचकर पूछताछ की, जहां उसके भाई शिवम कसौधन ने बताया कि दोनों भाई बरियार पुरवा, भट्ठा सोनार गली, बड़गांव में बिना किसी औषधि लाइसेंस के कारोबार संचालित कर रहे हैं।जांच के दौरान टीम को इनके दो अन्य गोदामों की भी जानकारी मिली, जो बिना किसी वैध औषधि अनुज्ञप्ति के अवैध रूप से संचालित किए जा रहे थे। छापेमारी के दौरान जब टीम ने औषधियों के खरीद-बिक्री के बिल, स्टॉक रजिस्टर और अन्य वैधानिक दस्तावेज मांगे तो संचालक कोई भी अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके।तीन दिन तक चली कार्रवाई में नशे के दुरुपयोग में प्रयुक्त होने वाली दवाओं समेत बड़ी मात्रा में एलोपैथिक औषधियां बरामद कर सीज की गईं। इनमें हजारों कैप्सूल, टैबलेट, इंजेक्शन और सिरप शामिल हैं। कुल जब्त औषधियों का अनुमानित मूल्य करीब 1 करोड़ 13 लाख रुपये बताया गया है।जांच के दौरान 19 औषधियों के नमूने भी संग्रहित किए गए, जिन्हें परीक्षण के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेज दिया गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित व्यक्तियों और फर्मों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की संबंधित धाराओं में परिवाद दाखिल किया जाएगा।छापेमारी के दौरान पुलिस ने शिवम कसौधन पुत्र प्रमोद कसौधन, निवासी रानी बाजार, बड़गांव, गोंडा को गिरफ्तार कर लिया। जबकि उसका भाई एवं मुख्य संचालक अमन कसौधन मौके से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।अधिकारियों के अनुसार, भारी मात्रा में मनःप्रभावी (Psychotropic) दवाओं के अवैध व्यापार और नशे के दुरुपयोग को बढ़ावा देने के गंभीर अपराध को देखते हुए आरोपियों के विरुद्ध स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ (NDPS) अधिनियम, 1985 की धारा 8/21 के तहत थाना कोतवाली नगर, गोंडा में एफआईआर संख्या 0676, दिनांक 19 जुलाई 2026 दर्ज की गई है।एफएसडीए और पुलिस का कहना है कि अवैध एवं नकली दवाओं के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा तथा दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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