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सुलतानपुर में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ, शिक्षकों को मिले कैशलेस मेडिकल कार्ड


सुल्तानपुर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ बुधवार को  कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने की। इस अवसर पर बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षकों को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस मेडिकल कार्ड वितरित किए गए।कार्यक्रम के दौरान वाराणसी से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सीधा प्रसारण देखा और सुना गया। इस योजना के तहत प्रदेश के लगभग 10 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं उनके आश्रितों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने मुख्य अतिथि एवं भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। इसके बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेन्द्र गुप्ता ने अतिथियों का बैज अलंकरण कर अभिनंदन किया।अपने स्वागत संबोधन में भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगी तथा उन्हें बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने दिनेश कुमार मौर्य, हैदर अली, संदीप कुमार तिवारी, पंच बहादुर, आशीष मिश्र, रवि तिवारी, जयचंद, सच्चिदानंद गुप्ता, खुर्शीद अहमद, संतोष पाण्डेय, डॉ. कृष्ण देव सिंह, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. दिनेश प्रताप, डॉ. सोमनाथ यादव, जयेश त्रिपाठी, गिरिजा शंकर, शफीक अहमद, हर्षित कुमार, राम सजीवन एवं दिवाकर दुबे सहित 20 लाभार्थी शिक्षकों को प्रतीकात्मक कैशलेस मेडिकल कार्ड प्रदान किए।अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने बताया कि योजना के प्रभावी संचालन के लिए प्रदेश सरकार ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू किया है, जिससे पात्र लाभार्थियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ आसानी से मिल सकेगा।राज्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार शिक्षा एवं स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने डीबीटी के माध्यम से 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में प्रति छात्र 1200 रुपये की धनराशि यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी के लिए भेजी है। साथ ही सरकारी विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार तथा सुरक्षित शौचालयों का निर्माण भी कराया गया है।कार्यक्रम के समापन पर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए राज्यमंत्री को स्मृति चिन्ह स्वरूप पौधा भेंट किया। अंत में बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेन्द्र गुप्ता ने सभी अतिथियों, अधिकारियों एवं शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह, उपायुक्त नेहा सिंह, प्रतिनिधि मंत्री ओम प्रकाश विश्वकर्मा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

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