75 जिलों में बारिश की चेतावनी, UP में बदला मौसम
लखनऊ यूपी में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। देश के अधिकांश राज्यों में मानसून का प्रभाव दिखाई देने लगा है। इसी बीच उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव (लो प्रेशर एरिया) के कारण प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इसके चलते कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए लो प्रेशर सिस्टम का असर उत्तर प्रदेश पर भी पड़ेगा। इसके प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम और कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। साथ ही तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है।आईएमडी ने सुल्तानपुर, लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बलिया, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, बस्ती, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, बाराबंकी, रायबरेली, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, बरेली, पीलीभीत, रामपुर, मुरादाबाद, संभल, बदायूं, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, औरैया, कानपुर देहात, झांसी, बांदा, चित्रकूट, महोबा सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी समेत 70 से अधिक जिलों में भारी बारिश, आंधी और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। गरज-चमक के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें तथा आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।आईएमडी के ताजा अपडेट के मुताबिक अगले तीन दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर अरब सागर के कुछ हिस्सों, गुजरात, हरियाणा, पंजाब तथा राजस्थान के शेष क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसका असर उत्तर भारत के मौसम पर भी देखने को मिलेगा।बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में अब तक सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। 1 जून से 6 जुलाई तक पूरे उत्तर प्रदेश में औसतन 73.4 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में 134.5 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी।पूर्वी उत्तर प्रदेश में इस अवधि के दौरान औसतन 69.1 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 150.6 मिलीमीटर मानी जाती है। यानी पूर्वी उत्तर प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 54 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 79.5 मिलीमीटर औसत वर्षा हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 111.9 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। इस प्रकार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी सामान्य से लगभग 29 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने सक्रिय सिस्टम के प्रभाव से अगले कुछ दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इससे किसानों को राहत मिलने के साथ ही धान समेत खरीफ फसलों की बुवाई को भी गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि तेज बारिश, आंधी और वज्रपात को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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