जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत परखेंगे जलशक्ति मंत्री , 15 से 25 जुलाई तक गांव-गांव करेंगे निरीक्षण
लखनऊ उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित मानकों के अनुसार हर घर नल से जलापूर्ति हो रही है या नहीं, इसकी जमीनी हकीकत जानने के लिए प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह स्वयं फील्ड में उतरेंगे। 15 से 25 जुलाई के बीच वह एक दर्जन से अधिक जिलों का दौरा कर गांवों में औचक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान जलापूर्ति व्यवस्था, पानी की गुणवत्ता और योजनाओं के संचालन की मौके पर जांच की जाएगी।सोमवार को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन मुख्यालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में जलशक्ति मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन की योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी जिले से जलापूर्ति में अनियमितता या शिकायत मिलती है तो संबंधित चीफ इंजीनियर और अधीक्षण अभियंता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगा।जलशक्ति मंत्री के इस निरीक्षण दौरे में नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। निरीक्षण के दौरान अधिकारी गांवों में रात्रि विश्राम करेंगे, ग्रामीणों से सीधा संवाद करेंगे और जलापूर्ति व्यवस्था पर उनका फीडबैक लेंगे। साथ ही विभिन्न गांवों में जल अर्पण कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा।15-16 जुलाई जलशक्ति मंत्री ललितपुर, झांसी और जालौन के गांवों का दौरा करेंगे। इस दौरान वह औचक निरीक्षण कर नल से जलापूर्ति और पानी की गुणवत्ता का जायजा लेंगे।18-19 जुलाई मंत्री सुल्तानपुर, जौनपुर, मिर्जापुर और सोनभद्र के गांवों में पहुंचेंगे। यहां ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी लेंगे तथा अधिकारियों के साथ गांवों में रात्रि विश्राम भी करेंगे।24 जुलाईमंत्री मथुरा में संत संवाद कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान यमुना नदी की सफाई को लेकर संतों और स्थानीय ग्रामीणों से सुझाव लिए जाएंगे। साथ ही यमुना किनारे बसे गांवों में नदी संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता अभियान शुरू करने की भी योजना है।समीक्षा बैठक में जलशक्ति मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी चीफ इंजीनियर अपने-अपने क्षेत्र की प्रत्येक जल जीवन मिशन परियोजना की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करें और उसकी जवाबदेही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी चीफ इंजीनियर अपने स्तर पर गांवों में जल अर्पण कार्यक्रम आयोजित करें। इन कार्यक्रमों में जलापूर्ति व्यवस्था ग्रामवासियों को औपचारिक रूप से सौंपी जाएगी और लोगों को जल संरक्षण, पानी के विवेकपूर्ण उपयोग तथा स्रोतों के संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।जलशक्ति मंत्री ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन की सफलता केवल योजनाओं के निर्माण से नहीं, बल्कि हर घर तक नियमित और गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित करने से होगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि किसी भी जिले में जलापूर्ति को लेकर शिकायतें मिलीं तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य केवल नल कनेक्शन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीणों को नियमित रूप से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।

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