यूपी आउटसोर्स सेवा निगम के जरिए सितंबर से शुरू हो सकती हैं भर्तियां
श्रेणी-1 के पदों के लिए ₹40,000 प्रतिमाह
श्रेणी-2 के पदों के लिए ₹25,000 प्रतिमाह
श्रेणी-3 के पदों के लिए ₹22,000 प्रतिमाह
श्रेणी-4 के पदों के लिए ₹20,000 प्रतिमाह
इस व्यवस्था का उद्देश्य आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को निर्धारित और पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित करना है।कंपनी अधिनियम के तहत उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का विधिवत गठन किया जा चुका है। निगम के संचालन के लिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का चयन भी हो चुका है। इसके अलावा प्रबंध निदेशक (एमडी) और कार्यकारी निदेशक की नियुक्ति भी की जा चुकी है।निगम के लिए लखनऊ स्थित पिकप भवन में कार्यालय स्थापित किया जा रहा है।जिससे प्रशासनिक कार्यों को गति मिल सके।निगम के गठन और अधिकारियों की नियुक्ति जैसी सभी प्रमुख तैयारियां पूरी होने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया केवल पोर्टल तैयार न होने के कारण शुरू नहीं हो पा रही है।उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार निगम का पोर्टल विकसित करने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीडेस्को) को सौंपी गई है। यूपीडेस्को ने पोर्टल तैयार करने के लिए अगस्त तक का समय मांगा है।सूत्रों का कहना है कि पोर्टल तैयार होते ही निगम भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। ऐसे में सितंबर 2026 से आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्तियों का रास्ता साफ हो सकता है।प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग के जरिए रोजगार पाने की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं की निगाहें अब निगम की पहली भर्ती प्रक्रिया पर टिकी हैं। पोर्टल शुरू होने के बाद आवेदन, चयन और नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और अधिक पारदर्शी होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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