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बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि: कोचिंग संस्थानों में डीएम-एसपी का संयुक्त निरीक्षण


सुल्तानपुर राजधानी लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड में 15 छात्र-छात्राओं की दर्दनाक मौत के बाद प्रदेश भर में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। इसी क्रम में सुल्तानपुर जिला प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है।

मंगलवार को जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक चारु निगम तथा उपजिलाधिकारी सदर उत्तम तिवारी ने संयुक्त रूप से सिविल लाइन क्षेत्र स्थित मेहमान होटल के बगल संचालित कोहिनूर इंडिया कोचिंग संस्थान का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भवन की संरचनात्मक मजबूती, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट), अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता, विद्युत वायरिंग की स्थिति, सीढ़ियों की चौड़ाई, वेंटिलेशन व्यवस्था तथा छात्रों की संख्या के अनुरूप सुरक्षा मानकों की गहन जांच की। अधिकारियों ने यह भी परखा कि किसी आपदा या आग लगने की स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए संस्थान में पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है या नहीं।जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश फायर प्रिवेंशन एंड फायर सेफ्टी एक्ट, नगर निकायों के भवन सुरक्षा मानकों तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सभी कोचिंग संस्थानों के लिए सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी संस्थान में अग्निशमन उपकरणों की कमी, सुरक्षित निकासी मार्ग का अभाव या अन्य सुरक्षा मानकों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।पुलिस अधीक्षक चारु निगम ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी अथवा प्रशासनिक निर्देशों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।उपजिलाधिकारी सदर उत्तम तिवारी ने बताया कि जिले के सभी कोचिंग सेंटरों को प्रशासन की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इनमें भवन सुरक्षा प्रमाणपत्र, अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), आपातकालीन निकास व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा मानकों के अनुपालन तथा छात्रों की क्षमता के अनुसार सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश शामिल हैं।प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बच्चों के भविष्य और जीवन के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले कोचिंग संचालकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।लखनऊ की दर्दनाक घटना के बाद शुरू हुआ यह विशेष निरीक्षण अभियान जिले के अन्य कोचिंग संस्थानों में भी लगातार जारी रहेगा, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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