UP के PRD जवानों को बड़ी सौगात
लखनऊ यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न वर्गों को साधने की रणनीति के तहत योगी सरकार लगातार बड़े फैसले ले रही है। इसी क्रम में सरकार ने प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के जवानों को बड़ी राहत देते हुए उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार के नए आदेश के बाद पीआरडी जवानों को राज्यकर्मी का दर्जा मिलने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए युवा कल्याण एवं खेल विभाग को सरकारी सेवक भर्ती से जुड़े विभागों की श्रेणी में शामिल कर दिया है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार की ओर से आदेश जारी किया गया है। माना जा रहा है कि यह फैसला PRD जवानों की वर्षों पुरानी मांगों को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।अब तक प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में PRD जवानों की सेवाएं ली जाती रही हैं लेकिन उन्हें नियमित सरकारी कर्मचारियों जैसी प्रशासनिक पहचान और सुविधाएं प्राप्त नहीं थीं। नए आदेश के बाद उनकी सेवा संरचना, प्रशासनिक स्थिति और भविष्य में मिलने वाले अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना बढ़ गई है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से पीआरडी जवानों को अधिक संस्थागत पहचान मिलेगी और उनके सेवा हितों की सुरक्षा के लिए नए रास्ते खुलेंगे।प्रदेश सरकार पिछले कुछ वर्षों से युवाओं के सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और विभिन्न विभागों में सेवा सुधारों पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य के बजट और सरकारी योजनाओं में भी युवाओं और रोजगार को प्राथमिकता दी गई है। ऐसे में PRD जवानों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की दिशा में उठाया गया यह कदम सरकार की इसी व्यापक नीति का हिस्सा माना जा रहा है।उत्तर प्रदेश में पीआरडी संगठन कानून-व्यवस्था बनाए रखने, चुनाव ड्यूटी, यातायात नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और विभिन्न सरकारी आयोजनों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाता है। बड़ी संख्या में युवा इस संगठन से जुड़े हुए हैं और लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।सरकार के इस फैसले से PRD जवानों के मनोबल में वृद्धि होने की उम्मीद है। साथ ही भविष्य में सेवा संबंधी लाभ, अधिकार और अन्य सुविधाओं को लेकर भी नई संभावनाएं खुल सकती हैं।सरकार के इस निर्णय के बाद PRD जवानों और उनके संगठनों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से राज्यकर्मी का दर्जा और सेवा सुरक्षा की मांग कर रहे जवानों को उम्मीद है कि आने वाले समय में उनकी अन्य लंबित मांगों पर भी सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे।

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