राम मंदिर में चोरी अक्षम्य, दोषियों को मिले सख्त सजा : अनुप्रिया पटेल
सुल्तानपुर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे पावन धार्मिक स्थल पर चोरी की घटना पूरी तरह अक्षम्य है और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए।सुल्तानपुर शहर स्थित सभागार में आयोजित कार्यकर्ता समागम में शामिल होने पहुंचीं केंद्रीय मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की स्पष्ट मांग है कि जांच निष्पक्ष हो और जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अनुप्रिया पटेल ने कहा कि मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे स्थान पर चोरी की घटना लोगों की भावनाओं को आहत करने वाली है। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा और दोषियों को उचित दंड मिलना चाहिए।समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई कथित अभद्र टिप्पणियों के मुद्दे पर भी केंद्रीय मंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक मतभेद और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा स्वाभाविक है, लेकिन किसी भी नेता के परिवार, बच्चों या बेटियों को राजनीतिक विवादों में घसीटना पूरी तरह गलत और निंदनीय है।उन्होंने कहा, “हम अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े हो सकते हैं, लेकिन हमारी लड़ाई केवल विचारों की होनी चाहिए। किसी भी परिवार की बेटी के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी समाज के लिए उचित नहीं है। समाज की हर बेटी हमारी अपनी बेटी है और उसका सम्मान हर हाल में सुरक्षित रहना चाहिए।अनुप्रिया पटेल ने बताया कि इस मामले में राज्य सरकार ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला या बेटी के सम्मान के खिलाफ की गई टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।केंद्रीय मंत्री ने जातीय जनगणना के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वर्ष 1931 के बाद पहली बार विभिन्न जातीय समुदायों की वास्तविक जनसंख्या के अधिकृत आंकड़े सरकार के पास उपलब्ध होंगे। उनके अनुसार इन आंकड़ों के आधार पर सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के विकास के लिए अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक नीतियां बनाई जा सकेंगी।उन्होंने कहा कि सटीक आंकड़ों से सरकार को यह समझने में मदद मिलेगी कि किन समुदायों को किस प्रकार की योजनाओं और संसाधनों की अधिक आवश्यकता है, जिससे विकास की प्रक्रिया अधिक समावेशी बन सकेगी।सपा और कांग्रेस के गठबंधन को लेकर पूछे गए प्रश्न पर अनुप्रिया पटेल ने कहा कि यह कोई नया राजनीतिक प्रयोग नहीं है। ऐसा गठबंधन पहले भी हो चुका है और जनता उसके परिणाम देख चुकी है। उन्होंने दावा किया कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी यह गठबंधन जनता का विश्वास हासिल नहीं कर पाएगा और उसे पराजय का सामना करना पड़ेगा।उन्होंने कहा कि जनता विकास, सुशासन और जनहित के मुद्दों पर निर्णय लेती है तथा आने वाले चुनावों में भी यही मुद्दे निर्णायक साबित होंगे।

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