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इंस्टाग्राम की एक पोस्ट बनी जीवनदान का कारण: 5 मिनट में पहुंची पुलिस, आत्महत्या की कोशिश कर रहे युवक की बची जान


गौतमबुद्धनगर से एक बेहद सकारात्मक और हैरान करने वाली खबर सामने आई है। जिसने यह साबित कर दिया कि यदि तकनीक और पुलिस की तत्परता साथ आ जाए तो किसी की भी जान बचाई जा सकती है। जेवर थाना क्षेत्र में अवसाद से जूझ रहे एक 24 वर्षीय युवक को नोएडा पुलिस ने महज पांच मिनट के भीतर पहुंचकर मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और मेटा के अलर्ट सिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।जानकारी के अनुसार, जेवर थाना क्षेत्र का रहने वाला 24 वर्षीय युवक मजदूरी का काम करता है। कुछ समय पहले उसकी एक युवती से दोस्ती हुई थी, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। युवक ने युवती के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा, लेकिन युवती ने शादी से इनकार कर दिया। इस घटना से युवक गहरे मानसिक आघात में चला गया और धीरे-धीरे अवसाद का शिकार हो गया।12 जून 2026 की रात युवक ने आत्महत्या करने के इरादे से नींद की गोलियां खा लीं। यह कदम उठाने से पहले उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया। वीडियो के साथ उसने भावुक कैप्शन लिखा—

"यह आखिरी वीडियो है मेरी, क्या पता फिर रहूं या नहीं।"

युवक की इस पोस्ट में आत्महत्या के स्पष्ट संकेत मौजूद थे, जिन्हें मेटा के एडवांस्ड एल्गोरिदम ने तुरंत पहचान लिया।बताया गया कि रात 12 बजकर 12 मिनट पर मेटा के सिस्टम ने पोस्ट को संभावित आत्मघाती संकेत वाली सामग्री के रूप में चिह्नित किया। इसके बाद कंपनी ने तत्काल यूपी पुलिस महानिदेशालय के सोशल मीडिया सेंटर को ईमेल के माध्यम से अलर्ट भेजा।सोशल मीडिया सेंटर ने बिना समय गंवाए युवक की लोकेशन और अन्य जरूरी जानकारी गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की मीडिया सेल को उपलब्ध करा दी।मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस कमिश्नर ने जेवर थाना पुलिस को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। पुलिस टीम महज पांच मिनट के भीतर युवक के घर पहुंच गई।आधी रात को पुलिसकर्मियों ने युवक के पिता को जगाया और कमरे का दरवाजा खुलवाया। अंदर युवक बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने परिजनों और पड़ोसियों की सहायता से उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।अस्पताल में डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। समय रहते इलाज मिलने के कारण कुछ घंटों के भीतर युवक की हालत में सुधार होने लगा। बाद में उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और वह सुरक्षित अपने घर लौट आया।घटना के बाद पुलिस ने युवक की काउंसलिंग भी करवाई। काउंसलिंग के दौरान युवक ने भविष्य में कभी भी ऐसा कदम न उठाने का आश्वासन दिया। पुलिस अधिकारियों ने उसे मानसिक रूप से मजबूत रहने और परिवार के साथ संवाद बनाए रखने की सलाह दी।

2022 से चल रही है मेटा और यूपी पुलिस की विशेष व्यवस्था

गौरतलब है कि वर्ष 2022 से मेटा और उत्तर प्रदेश पुलिस के बीच एक विशेष समन्वय व्यवस्था लागू है। इसके तहत फेसबुक या इंस्टाग्राम पर यदि कोई व्यक्ति आत्महत्या या आत्मघाती विचारों से जुड़ी पोस्ट साझा करता है, तो मेटा का सिस्टम उसे पहचानकर सीधे पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजता है। कई मामलों में लोकेशन संबंधी जानकारी भी साझा की जाती है, जिससे पुलिस समय रहते मौके पर पहुंचकर संबंधित व्यक्ति की मदद कर सके।यह व्यवस्था अब तक उत्तर प्रदेश में कई लोगों की जान बचाने में मददगार साबित हुई है। 

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