यूपी में 1 जुलाई से 15 अगस्त तक रोवर आधारित भूमि पैमाइश का विशेष अभियान, हर तहसील में उपलब्ध होंगे आधुनिक उपकरण
लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने भूमि पैमाइश व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में धारा-24 के अंतर्गत 1 जुलाई 2026 से 15 अगस्त 2026 तक राज्यव्यापी रोवर आधारित भूमि पैमाइश विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य किसानों एवं आम नागरिकों को भूमि की इंच-इंच की सटीक, निष्पक्ष और पारदर्शी पैमाइश उपलब्ध कराना है, ताकि राजस्व संबंधी विवादों का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।सरकार के अनुसार अभियान के तहत प्रदेश की प्रत्येक तहसील में अत्याधुनिक रोवर (GNSS) उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इन उपकरणों की सहायता से भूमि की वास्तविक स्थिति का वैज्ञानिक एवं डिजिटल तरीके से निर्धारण किया जाएगा। पारंपरिक पैमाइश की तुलना में यह तकनीक अधिक तेज, सटीक और विश्वसनीय मानी जाती है, जिससे मानवीय त्रुटियों की संभावना बेहद कम हो जाती है और राजस्व अभिलेखों की शुद्धता भी सुनिश्चित होती है।रोवर आधारित पैमाइश से भूमि की सीमाओं का स्पष्ट निर्धारण होगा, जिससे सीमा विवादों का त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण संभव हो सकेगा। इसके साथ ही अनावश्यक मुकदमों में कमी आएगी और किसानों को उनकी भूमि पर स्पष्ट एवं सुरक्षित अधिकार प्राप्त होंगे। सरकार का मानना है कि यह पहल राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को और अधिक मजबूत करेगी।उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी किसानों एवं भूमि स्वामियों से अपील की है कि वे 1 जुलाई से 15 अगस्त 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी भूमि की आधुनिक रोवर तकनीक से पैमाइश कराकर राजस्व अभिलेखों को सही एवं अद्यतन सुनिश्चित करें।

कोई टिप्पणी नहीं