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70 हजार कोटेदारों का ऐलान: मांगें पूरी नहीं हुईं तो ठप होगी राशन व्यवस्था


लखनऊ यूपी में अगस्त माह के राशन वितरण पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशभर के सैकड़ों कोटेदार मंगलवार को लखनऊ पहुंचे और विधानसभा घेराव की तैयारी की। हालांकि पुलिस ने उन्हें चारबाग क्षेत्र में ही रोक लिया और बाद में सभी को इको गार्डन भेज दिया जहां वे धरने पर बैठे रहे।कोटेदार संगठन ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो अगस्त माह में सार्वजनिक वितरण प्रणाली  के तहत राशन वितरण पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। संगठन ने यह भी कहा कि सरकार की अनदेखी जारी रही तो पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।प्रदेश में लगभग 70 हजार कोटेदार कार्यरत हैं, जो हर महीने करीब 80 लाख कुंतल राशन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाते हैं। कोटेदारों का कहना है कि वे सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं को सफल बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें मिलने वाला कमीशन अन्य राज्यों की तुलना में बेहद कम है।कोटेदारों की प्रमुख मांगों में कमीशन बढ़ाना, नियमित मानदेय लागू करना, पिछले तीन महीने का लंबित भुगतान जारी करना तथा अन्य राज्यों की तरह बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश में उन्हें केवल 90 रुपये प्रति कुंतल का लाभांश मिलता है, जबकि हरियाणा और गोवा जैसे राज्यों में यह राशि 200 रुपये प्रति कुंतल तक है। कुछ राज्यों में न्यूनतम आय की गारंटी जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कोटेदारों के बीच कुछ समय तक तनाव की स्थिति भी बनी रही। हालांकि पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को विधानसभा की ओर बढ़ने से रोकते हुए इको गार्डन में ही रोक दिया। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।कोटेदार संगठन का कहना है कि यदि सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन और तेज किया जाएगा, जिसका सीधा असर प्रदेश के लाखों राशन कार्ड धारकों को मिलने वाले खाद्यान्न वितरण पर पड़ सकता है। ऐसे में सरकार और कोटेदारों के बीच होने वाली आगामी वार्ता पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

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