कानपुर फर्जी 'एसीपी साइबर क्राइम' बनकर ठग ने सीए से ऐंठे ₹2.5 लाख, अश्लील वीडियो देखने के नाम पर दी चार्जशीट की धमकी
कानपुर में साइबर अपराधियों ने लोगों को डराकर ठगी करने का नया तरीका अपनाया है। खुद को नई दिल्ली के करोल बाग का एसीपी साइबर क्राइम बताने वाले एक साइबर ठग ने कानपुर के कमला टॉवर निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) प्रशांत कुमार को अश्लील फिल्म देखने का आरोप लगाकर डराया और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने तथा चार्जशीट दाखिल करने की धमकी दी। डर और दबाव का फायदा उठाकर आरोपी ने दो दिनों में पीड़ित से ढाई लाख रुपये से अधिक अलग-अलग यूपीआई खातों में ट्रांसफर करा लिए।जानकारी के अनुसार शनिवार रात सीए प्रशांत कुमार के पास एक फोन कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एसीपी साइबर क्राइम बताते हुए कहा कि फेसबुक पर अश्लील फिल्म देखने के मामले में उनके खिलाफ नई दिल्ली के करोल बाग थाने में रिपोर्ट दर्ज है। उसने मामला खत्म कराने के नाम पर पहले 10 लाख रुपये की मांग की और गिरफ्तारी व चार्जशीट की धमकी दी।इसके बाद आरोपी लगातार व्हाट्सएप कॉल करता रहा और पीड़ित को यह हिदायत देता रहा कि यदि उसने अपने परिवार या किसी अन्य व्यक्ति को इस बारे में बताया तो उसके खिलाफ कार्रवाई और तेज कर दी जाएगी। आरोपी ने बैंक की नजर से बचने के लिए दो, तीन और पांच हजार रुपये जैसी छोटी-छोटी किस्तों में अलग-अलग यूपीआई नंबरों पर रकम ट्रांसफर कराई।सोमवार दोपहर पीड़ित के अधिवक्ता पिता बसंतलाल बेटे के साथ पुलिस कमिश्नर से मिले और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर सीए के बैंक खाते का विवरण और मोबाइल चैट की जांच कराई गई। जांच में करीब 10 पन्नों की व्हाट्सएप चैट और बैंक लेनदेन का रिकॉर्ड सामने आया। इसके आधार पर पुलिस कमिश्नर ने फीलखाना थाना प्रभारी को तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।इसी दौरान पुलिस कमिश्नर कार्यालय में मौजूद सीए के मोबाइल पर आरोपी का फिर फोन आया। उसने बताया कि वह किसी काम से इटावा के एक होटल में रुका है और 20 हजार रुपये तत्काल भेजने को कहा। पुलिस कमिश्नर के इशारे पर सीए ने आरोपी से कहा कि शाम तक रुपये की व्यवस्था कर देगा, ताकि पुलिस को साइबर ठग तक पहुंचने का समय मिल सके।पुलिस ने मामले में साइबर ठग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी और बैंक खातों के आधार पर उसकी तलाश की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर पैसे मांगने पर घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

कोई टिप्पणी नहीं