यूपी में पीएम स्वनिधि योजना के लिए एक महीने का विशेष अभियान शुरू
लखनऊ यूपी सरकार ने राज्य के रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित पीएम स्वनिधि योजना को नई गति देने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में प्रदेशभर में 1 जून से 30 जून 2026 तक एक माह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है।ताकि योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाया जा सके।उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी ने राज्य के सभी संबंधित मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) को आधिकारिक पत्र जारी कर अभियान को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं।जारी निर्देशों के अनुसार सभी मुख्य विकास अधिकारियों को अपने-अपने जिलों के खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को सक्रिय करते हुए अभियान के लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के लिए कहा गया है। अभियान का मुख्य आधार ‘सेंसस टाउन रिपोर्ट’ तथा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई लाभार्थियों की सूची होगी।राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) के मिशन निदेशक की अपेक्षाओं के अनुरूप यह अभियान संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे सभी पात्र रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों की पहचान करना है जो अभी तक योजना से नहीं जुड़ पाए हैं।अभियान के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उनसे समन्वय स्थापित करें तथा आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराएं। साथ ही, प्रत्येक जिले की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय को भेजी जाएगी, जिससे योजना के क्रियान्वयन की लगातार निगरानी हो सके और किसी प्रकार की शिथिलता न रहे।यह आदेश प्रदेश के अनेक प्रमुख जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों को भेजा गया है। इनमें आगरा, अलीगढ़, अमेठी, आजमगढ़, बरेली, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर नगर, मेरठ, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रयागराज, सहारनपुर, वाराणसी, सीतापुर तथा सुल्तानपुर सहित कई अन्य जिले शामिल हैं।सरकार को उम्मीद है कि इस विशेष अभियान के परिणामस्वरूप जून माह के अंत तक हजारों नए रेहड़ी-पटरी व्यवसायी पीएम स्वनिधि योजना से जुड़ सकेंगे। इससे उन्हें आसान ऋण सुविधा, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा, ब्याज सब्सिडी तथा अन्य सरकारी लाभ प्राप्त होंगे। सरकार का मानना है कि यह पहल छोटे व्यापारियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।पीएम स्वनिधि योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत रेहड़ी-पटरी और फुटपाथ विक्रेताओं को बिना गारंटी के कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराया जाता है। समय पर ऋण चुकाने पर लाभार्थियों को अधिक राशि का अगला ऋण, ब्याज में सब्सिडी तथा डिजिटल लेनदेन पर प्रोत्साहन भी दिया जाता है।इस विशेष अभियान से प्रदेश के हजारों छोटे व्यापारियों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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