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लखनऊ हाईकोर्ट ने परिषदीय शिक्षकों के प्रत्यावर्तन आदेशों पर लगाई अंतरिम रोक


लखनऊ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने शुक्रवार को परिषदीय प्राथमिक शिक्षकों के प्रत्यावर्तन (पूर्व में जिस विद्यालय से स्थानांतरण हुआ था, उसी विद्यालय में पुनः भेजने) संबंधी आदेशों पर अंतरिम रोक लगा दी। कोर्ट ने राज्य सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तीन सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद याचिकाकर्ता शिक्षकों को एक सप्ताह के भीतर प्रतिउत्तर दाखिल करने का अवसर दिया जाएगा।न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की अवकाशकालीन एकल पीठ ने यह आदेश गौतम बुद्ध नगर के अमित कुमार सहित 10 प्राथमिक शिक्षकों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया।याचिका में गौतम बुद्ध नगर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा 25 अप्रैल और 16 मई को जारी आदेशों के साथ-साथ संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के आदेशों को चुनौती दी गई थी। इन आदेशों के माध्यम से याचिकाकर्ता शिक्षकों को उनकी पूर्व तैनाती वाले विद्यालयों में वापस भेज दिया गया था।याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि 16 जून 2025 को बेसिक शिक्षा विभाग ने सहायक शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की नीति लागू की थी। इस नीति के तहत शिक्षकों को उनके पुराने विद्यालयों से कार्यमुक्त कर नई तैनाती स्थलों पर भेजा गया था।याचियों का कहना था कि वे पिछले दस माह से अधिक समय से नई तैनाती वाले विद्यालयों में कार्यरत हैं और नियमित रूप से वेतन भी प्राप्त कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें पुनः पुराने विद्यालयों में प्रत्यावर्तित करने के आदेश जारी कर दिए गए, जो विधिसम्मत नहीं हैं।सुनवाई के दौरान बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से याचिका का विरोध किया गया। हालांकि अदालत ने प्रथम दृष्टया पाया कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जुलाई और अगस्त 2025 में जारी दो सरकारी आदेशों की व्याख्या करने में त्रुटि की है।अदालत ने कहा कि प्रस्तुत विवाद गंभीर विचारणीय है। इसलिए इस याचिका को इसी प्रकार के एक अन्य मामले के साथ संबद्ध करते हुए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया है।साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले में अगला आदेश पारित होने तक याचिकाकर्ता शिक्षकों के प्रत्यावर्तन संबंधी आदेश प्रभावी नहीं रहेंगे। यानी फिलहाल संबंधित शिक्षकों को उनके वर्तमान कार्यस्थलों से वापस नहीं भेजा जा सकेगा।यह आदेश प्रदेश में अंतर्जनपदीय तबादले के बाद प्रत्यावर्तन की प्रक्रिया से प्रभावित शिक्षकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

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