डिजिलॉकर से जुड़ीं 68 बिजली वितरण कंपनियां
केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने डिजिटल इंडिया अभियान को नई गति देते हुए देश की 68 प्रमुख बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया है। इस पहल के बाद उपभोक्ता अपने बिजली बिल को सीधे डिजिलॉकर ऐप पर देख डाउनलोड और जरूरत पड़ने पर शेयर भी कर सकेंगे।नई सुविधा के तहत उपभोक्ताओं को अपने नवीनतम बिजली बिल तक पहुंच प्राप्त होगी। इसके लिए केवल संबंधित बिजली वितरण कंपनी का चयन करना होगा और अपना उपभोक्ता अकाउंट नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद बिजली बिल सीधे डिजिलॉकर में उपलब्ध हो जाएगा।इस पहल में उत्तर प्रदेश की पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम और मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अलावा दिल्ली की BSES तथा Noida Power Company जैसी बड़ी बिजली वितरण कंपनियां भी शामिल हैं। इससे लाखों उपभोक्ताओं को अपने बिजली बिल सुरक्षित डिजिटल स्वरूप में रखने की सुविधा मिलेगी।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि डिजिलॉकर पर उपलब्ध बिजली बिल सीधे संबंधित बिजली कंपनी द्वारा जारी किया जाएगा। इसलिए यह पूरी तरह प्रमाणिक और कानूनी रूप से मान्य दस्तावेज होगा। अब बिजली बिल की जरूरत पड़ने पर उपभोक्ताओं को पुराने कागजी बिल या मोबाइल में सेव पीडीएफ फाइलें खोजने की आवश्यकता नहीं होगी। जरूरत पड़ने पर वे डिजिलॉकर से तुरंत बिल डाउनलोड कर सकेंगे।बिजली बिल का उपयोग अक्सर एड्रेस प्रूफ के रूप में किया जाता है। नया सिम कार्ड लेने, बैंक खाता खुलवाने, विभिन्न वित्तीय सेवाओं का लाभ उठाने या अन्य सत्यापन प्रक्रियाओं में इसकी मांग की जाती है। डिजिलॉकर में बिजली बिल उपलब्ध होने से उपभोक्ता इसे सीधे डिजिटल रूप में साझा कर सकेंगे और संबंधित संस्थान आसानी से इसकी पुष्टि भी कर सकेंगे।हालांकि, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त है। डिजिलॉकर पर बिजली बिल तभी उपलब्ध होगा जब लॉगइन करने वाला व्यक्ति वही हो, जिसके नाम पर बिजली कनेक्शन और बिजली बिल जारी किया गया है। तभी सिस्टम संबंधित बिजली बिल को सफलतापूर्वक प्राप्त कर पाएगा।इस कदम को डिजिटल दस्तावेज प्रबंधन को बढ़ावा देने और नागरिक सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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