सुल्तानपुर आईजीआरएस समीक्षा में खराब प्रदर्शन पर डीएम सख्त, 25 अधिकारियों का वेतन रोका
सुल्तानपुर जन शिकायतों के निस्तारण हेतु संचालित एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) की समीक्षा बैठक में संतुष्ट फीडबैक प्रतिशत असंतोषजनक पाए जाने पर जिलाधिकारी इन्द्रजीत सिंह ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर डीएम ने 25 अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई विभागों में शिकायतकर्ताओं से प्राप्त संतुष्ट फीडबैक का प्रतिशत निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के प्रति घोर अप्रसन्नता जताते हुए जवाबदेही तय करने की कार्रवाई की।वेतन रोके जाने वाले अधिकारियों में जिला विद्यालय निरीक्षक, अधिशासी अभियंता विद्युत (सुलतानपुर, लम्भुआ एवं कादीपुर), अधिशासी अभियंता प्रान्तीय खण्ड लोक निर्माण विभाग, लीड बैंक मैनेजर, जिला समाज कल्याण अधिकारी तथा अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत कादीपुर शामिल हैं।इसके अलावा सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) अखण्डनगर, धनपतगंज, मोतिगरपुर, दोस्तपुर, लम्भुआ, जयसिंहपुर एवं भदैंया, खण्ड विकास अधिकारी भदैंया, पी.पी. कमैचा, मोतिगरपुर, जयसिंहपुर एवं दूबेपुर, खण्ड शिक्षा अधिकारी दोस्तपुर, प्रभारी चिकित्साधिकारी करौंदीकला एवं अखण्डनगर तथा चकबंदी अधिकारी सदर एवं कादीपुर के विरुद्ध भी वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है।जिलाधिकारी इन्द्रजीत सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आईजीआरएस प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही शिकायतकर्ताओं से प्राप्त होने वाले संतुष्ट फीडबैक प्रतिशत में सुधार लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही अथवा उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी आईजीआरएस के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा की जाएगी और खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

कोई टिप्पणी नहीं