सुल्तानपुर अनुदेशकों को बढ़े मानदेय का बांटा गया चेक
सुलतानपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित नवीन सभागार में शनिवार को अनुदेशक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार द्वारा अनुदेशकों के मानदेय में की गई वृद्धि के उपलक्ष्य में चयनित अनुदेशकों को सम्मानित करते हुए प्रतीकात्मक डेमो चेक वितरित किए गए। समारोह में बड़ी संख्या में अनुदेशक, शिक्षकगण एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने की।
इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह, मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह तथा अपर जिलाधिकारी राकेश सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ।जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार अनुदेशकों के योगदान को सम्मान देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि जिले में कला शिक्षा, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा, कार्यानुभव शिक्षा, कंप्यूटर शिक्षा, गृहशिल्प, कृषि शिक्षा तथा उद्यान एवं फसल संरक्षण जैसे विषयों में उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कुल 446 अंशकालिक अनुदेशक कार्यरत हैं। इन्हीं अनुदेशकों को सम्मानित करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया।समारोह के दौरान चयनित अनुदेशकों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया तथा उन्हें प्रतीकात्मक रूप से बढ़े मानदेय के डेमो चेक भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने अनुदेशकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे शिक्षा व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं और उनके प्रयासों से प्राथमिक शिक्षा को मजबूती मिल रही है।भाजपा एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजनों से अनुदेशकों का मनोबल बढ़ता है और उन्हें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे जिले की शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने कहा कि अनुदेशकों के लंबे संघर्ष और त्याग का ही परिणाम है कि सरकार ने उनके सम्मान और मानदेय वृद्धि का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अनुदेशक बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करने में शिल्पकार की भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजन के दौरान अनुदेशकों में उत्साह देखने को मिला और उन्होंने सरकार के इस कदम की सराहना की।


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