सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु व्यापक निर्देश जारी
सुल्तानपुर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह एवं पुलिस अधीक्षक चारू निगम की संयुक्त अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। जनपद में लगातार बढ़ते सड़क यातायात दबाव एवं सड़क दुर्घटनाओं की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए शासन की मंशानुरूप सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाए जाने के उद्देश्य से बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने, सड़क सुरक्षा मानकों के अनुपालन तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाने के संबंध में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में अधिकांश जनहानि लापरवाही, ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट एवं सीट बेल्ट के वाहन संचालन, गलत दिशा में वाहन चलाने तथा सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण होती है। उन्होंने निर्देशित किया कि सड़क सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से कार्य करें तथा दुर्घटना संभावित स्थलों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि एन.एच. 330 असुरक्षित है सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने निर्देशित किया कि रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड, रेडियम साइनेज, रंबल स्ट्रिप आदि लगाकर उसकी फोटो उपलब्ध करायें। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा पर लगे वाहनो, एम्बुलेंस का जीपीएस डेटा भी उपलब्ध कराया जाये। उन्होने लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, एक्सप्रेसवे एवं प्रमुख संपर्क मार्गों पर ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर वहां त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर बार-बार दुर्घटनाएं हो रही हैं वहां रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड, रेडियम साइनेज, रंबल स्ट्रिप, व्हाइट लाइन मार्किंग एवं टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। साथ ही सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया गया कि सड़क सुरक्षा संबंधी कार्यों की फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होने यूपीडा के अधिशासी अभियन्ता को निर्देशित किया कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के अण्डरपास में बहुत अंधेरा रहता है जो कि घटना/दुर्घटना का सबब बन सकता है इसके लिये जॉच कर लाइट की व्यवस्था की जाये। टेबलटॉप स्पीड ब्रेकर बनाये जायें, स्पीड डिटेक्शन डिवाइस को सभी स्थानों पर लगाया जाये। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामाजिक दायित्व भी है। उन्होंने यातायात नियमों के उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने एवं मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने वालों के विरुद्ध नियमित अभियान चलाया जाए। उन्होंने भारी वाहनों की नो-एंट्री व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराने तथा शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। बैठक में एआरटीओ विभाग को निर्देशित किया गया कि स्कूल बसों, वाणिज्यिक वाहनों एवं यात्री वाहनों की फिटनेस की नियमित जांच कराई जाए। बिना फिटनेस एवं ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्कूलों के आसपास स्पीड कंट्रोल डिवाइस, चेतावनी संकेतक एवं ज़ेब्रा क्रॉसिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग एवं अन्य विभागों को निर्देशित किया कि सभी सरकारी कर्मचारियों एवं शिक्षकों द्वारा हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने “नो हेलमेट-नो फ्यूल” अभियान को प्रभावी रूप से संचालित करने तथा विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में सीएमओ को निर्देशित किया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने हेतु एम्बुलेंस सेवाओं एवं ट्रामा सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाए। दुर्घटना संभावित मार्गों पर एम्बुलेंस एवं क्रेन की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा संबंधित कर्मियों के संपर्क नंबर अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए गए।जिलाधिकारी ने पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, यूपीडा एवं अन्य संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि जनपद की सभी सड़कों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए तथा पिछले छह माह की दुर्घटनाओं का विश्लेषण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अवैध कटों को बंद कराने, अवैध होर्डिंग हटाने एवं शहर तथा ग्रामीण क्षेत्रों के सभी प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था एवं सुरक्षा संकेतक लगाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी सड़क सुरक्षा समिति की बैठक बड़े सभागार में आयोजित की जाएगी, जिसमें छात्र-छात्राओं, मीडिया प्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि सड़क सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरूकता उत्पन्न की जा सके। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि शहर में अवैध होर्डिंग हटाने, येलो स्ट्रिप लगाने एवं सभी पुलियों एवं संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा संकेतक लगाए जाने की कार्रवाई शीघ्र पूर्ण की जाए।बैठक में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु बैनर, फ्लेक्स, डिजिटल प्रचार माध्यमों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता फैलाने पर बल दिया गया। साथ ही ई-परिवहन एप के प्रचार-प्रसार एवं यातायात नियमों के पालन हेतु लोगों को प्रेरित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

कोई टिप्पणी नहीं