कागजों में गाय देवलोक से भी ज्यादा सुखी : शंकराचार्य
सुल्तानपुर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बुधवार को जिले के कुड़वार स्थित महाकाल मंदिर पहुंचे।जहां उनका श्रद्धालुओं, व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया। मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ संरक्षण और सरकार की नीतियों को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सरकारी बयानों और कागजी आंकड़ों के अनुसार यूपी में गायों की स्थिति इतनी बेहतर दिखाई जा रही है कि “इतना सुख तो शायद देवलोक में भी नहीं होगा।”उन्होंने कहा कि सरकार और पशुपालन विभाग लगातार यह दावा करते हैं कि प्रदेश में गायों की सुरक्षा और देखभाल के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि अधिकारियों, पत्रकारों और सरकार समर्थकों के अनुसार प्रदेश में गाय इतनी सुरक्षित है कि “कोई उसे खरोंच तक नहीं मार सकता।”शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री और पशुपालन मंत्री के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि करोड़ों रुपये के बजट और गांव-गांव गौ आश्रय स्थल बनाए जाने की बातें कागजों तक सीमित दिखाई देती हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक स्थिति क्या है, यह जनता भली-भांति जानती है।उन्होंने कहा कि सरकार के दस्तावेजों में गायों को हर सुविधा मिल रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इसी के साथ उन्होंने गौ संरक्षण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए कुड़वार बाजार में एक भव्य गौशाला निर्माण का आह्वान किया।शंकराचार्य ने लोगों से “एक नोट” दान देने की अपील करते हुए कहा कि छोटे-छोटे सहयोग से भी बड़ा कार्य संभव हो सकता है। उन्होंने स्थानीय लोगों और प्रज्ञा एकेडमी के प्रबंधक से इस अभियान में आगे आने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान कई लोगों ने मौके पर ही सहयोग राशि देने की घोषणा की।इस दौरान दयाराम अग्रहरि ने घोषणा की कि कुड़वार बाजार में जल्द ही एक भव्य गौशाला का निर्माण कराया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, व्यापारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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