रिश्वत लेते लेखपाल गिरफ्तार
बाराबंकी में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते एक लेखपाल और उसके निजी मुंशी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया। आरोपियों को टीम ने थाना कोठी क्षेत्र से पकड़कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।जमीन के एक मामले में लेखपाल ने पीड़ित से रिश्वत मांगी थी।जिसके बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर उसे रंगेहाथ पकड़ लिया।इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।जानकारी के अनुसार, हैदरगढ़ तहसील क्षेत्र में तैनात लेखपाल अमित कन्नौजिया अपने निजी मुंशी विनय त्रिवेदी के साथ मिलकर जमीन से जुड़े मामले में रिपोर्ट लगाने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहे थे। आरोप है कि थाना कोठी क्षेत्र के उस्मानपुर मजरे शिवालापुरवा निवासी सहजराम रावत, जो पेशे से शिक्षक हैं। उनसे काम कराने के एवज में 6 हजार रुपये मांगे गए थे।पीड़ित शिक्षक सहजराम रावत ने लेखपाल और उसके मुंशी द्वारा लगातार रिश्वत मांगने से परेशान होकर मामले की शिकायत एंटी करप्शन संगठन से की। शिकायत की जांच के बाद एंटी करप्शन टीम ने पूरा जाल बिछाया और योजना के तहत शिक्षक को रिश्वत की रकम लेकर आरोपियों के पास भेजा गया।बताया जा रहा है कि जैसे ही शिक्षक ने तय रकम लेखपाल और उसके निजी मुंशी को दी।पहले से मौके पर मौजूद एंटी करप्शन टीम ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली।कार्रवाई के दौरान आसपास मौजूद लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।एंटी करप्शन टीम आरोपियों को अपने साथ लेकर थाना कोठी पहुंची। जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और यदि इसमें अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में खलबली मची हुई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन संबंधी मामलों में रिश्वतखोरी की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।लेकिन इस तरह की कार्रवाई से भ्रष्ट कर्मचारियों में डर का माहौल बनेगा।

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