फर्जी IAS बनकर ठगी करने वाली तीन बहनें गिरफ्तार
बरेली पुलिस ने खुद को IAS अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह की सरगना विप्रा शर्मा है।जो असली IAS न बन पाने के बाद फर्जी अधिकारी बनकर ठगी कर रही थी। गिरफ्तार अन्य आरोपियों में उसकी बहनें शिखा शर्मा और दीक्षा पाठक शामिल हैं।पुलिस के अनुसार, विप्रा शर्मा डबल एमए करने के साथ कई बार UPSC परीक्षा में शामिल हो चुकी थी।लेकिन सफलता न मिलने पर उसने फर्जी IAS अधिकारी का रूप धारण कर लिया। वह “उत्तर प्रदेश सरकार” लिखी गाड़ी और उस पर लगी बत्ती का इस्तेमाल कर सरकारी प्रोटोकॉल का रौब दिखाती थी। उसके साथ चलने वाली दो महिला “स्टाफ ऑफिसर” दरअसल उसकी अपनी बहनें थीं, जो इस ठगी के खेल में बराबर की भागीदार थीं।गिरोह का मुख्य तरीका सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को झांसा देना था। आरोपी फर्जी दस्तावेज और प्रभावशाली व्यक्तित्व के जरिए लोगों का विश्वास जीतकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे।उत्तर प्रदेश पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद बारादरी थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से करीब 55 लाख रुपये नकद और बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उन्होंने अब तक किन-किन स्थानों पर और कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया। अधिकारियों का कहना है कि जांच में और भी खुलासे होने की संभावना है।पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि नौकरी दिलाने या सरकारी काम कराने के नाम पर पैसे मांगने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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