डीएम व एसपी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई आयोजित
सुल्तानपुर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह व पुलिस अधीक्षक चारू निगम की संयुक्त अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गयी। उक्त बैठक में जागरूकता अभियान, हेलमेट को प्रोत्साहित करने, रोड सेफ्टी के दृष्टिगत स्पीड ब्रेकर, रेडियम लाइट, चेतावनी साइनेज, टेबलटॉप ब्रेकर, ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने, एम्बुलेन्स सुविधा, चिकित्सा व्यवस्था, यूपीडा, एनएचआई, पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर व्हाइट पट्टी लगाने सहित रोड सेफ्टी के दृष्टिगत अन्य समस्त आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता के सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गयी। उक्त बैठक में जिलाधिकारी ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन कि0मी0 संख्या-108 पर हुई बस दुर्घटना के दृष्टिगत सभी उपजिलाधिकारी व पुलिस क्षेत्राधिकारी सहित अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लोग ऐसी स्थितियों में एम्बुलेन्स चालक का मोबाइल नम्बर, फर्स्टएड बाक्स, कुछ प्राइवेट वाहन चालकों का नम्बर, खान पान व पेयजल की व्यवस्था हेतु सम्बन्धित का मोबाइल नम्बर, सीएचसी/पीएचसी पर उपलब्ध चिकित्सकों का मोबाइल नम्बर आदि अपनी डायरी में पहले से नोट कर लें, जिससे ऐसी आपात परिस्थितियों में त्वरित सुविधा मुहैया करायी जा सके।उन्होंने यूपीडा, एनएचआई, पीडब्ल्यूडी, नगर पालिका सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी अपनी-अपनी सड़कों का निरीक्षण इंजीनियर्स के माध्यम से कराकर चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर रोड सेफ्टी के दृष्टिगत जो भी जरूरी उपकरण आवश्यक हो उसे पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत करें और उसे तत्काल दूर करें। .उन्होंने दुर्घटना के दृष्टिगत मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी सीएचसी/पीएचसी व जिला अस्पताल पर एक विशेष वार्ड का निर्माण करें, जिससे ऐसी आपात स्थितियों में प्रयोग किया जा सके। उन्होंने निर्देशित किया कि एम्बुलेन्स की संख्या और बढ़ायें। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के दृष्टिगत सभी आधारभूत सुविधाएं पहले से सुनिश्चित होनी चाहिये। उन्होंने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुई बस दुर्घटना के दृष्टिगत 108 एम्बुलेन्स की त्वरित उपलब्धता की सराहना की। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक व बेसिक शिक्षा अधिकारी को समस्त स्कूलों/शिक्षण संस्थाओं में रोड सेफ्टी के दृष्टिगत जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि उन जागरूकता अभियानों का पीपीटी के माध्यम से सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में प्रजेन्टेशन भी किया जाय। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन को निर्देशित किया कि अगली बैठक एलईडी स्क्रीन पर पीपीटी के माध्यम से कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी उपजिलाधिकारी व पुलिस क्षेत्राधिकारी अपने-अपने क्षेत्र से सम्बन्धित सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत मानव संसाधन उपकरण उपलब्धता की रिपोर्ट यथाशीघ्र उपलब्ध करायेंगे। उन्होंने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी सड़क दुर्घटना के उपरान्त कोई आम आदमी किसी दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की मदद करता है, तो ऐसे व्यक्तियों को प्रोत्साहित किया जाय। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि दुर्घटना में यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो उसे तत्काल अनुदान राशि उपलब्ध कराने की सभी प्रक्रिया त्वरित गति से पूर्ण की जाय। उन्होंने यूपीडा, एनएचआई, पीडब्ल्यूडी आदि के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी एक हफ्ते के अन्दर अपनी-अपनी सड़कों का डे व नाइट विजन का निरीक्षण कर लें तथा जहां भी साइनेज, रेडियम लाइट या मरम्मतीकरण व व्हाइट पट्टी, रिफ्लेक्टर की जरूरत उसे यथाशीघ्र लगाना सुनिश्चित करें। पुलिस अधीक्षक ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को वर्षवार सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु के दृष्टिगत निर्देशित किया गया कि सभी सम्बन्धित विभाग अपनी-अपनी सड़कों पर रोड सेफ्टी के दृष्टिगत जरूरी मानव संसाधन उपकरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, जिससे सड़क दुर्घटना में होने मृत्यु दर को कम किया जा सके। .जिलाधिकारी ने यूपीडा, एनएचआई व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये गये कि सड़क सुरक्षा के मानकों का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित किया जाय तथा अगली बैठक से पहले प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाय। उन्होंने कहा कि यदि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती गयी, तो उसका उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए उसके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने सड़क दुर्घटना को कम करने, गहन जन जागरूकता कार्यक्रम चलाये जाने, वाहनों एवं परिवहन चालक का स्वास्थ्य चेकअप करने, दुर्घटना ग्रस्त हाटस्पाट को चिन्हित करने, गाड़ियों पर रिफ्लेक्टर लगाये जाने, बगैर हेलमेट व ओवर स्पीड पर कार्यवाही किये जाने, मोडीफाई साइलेन्सर को रोकने, सड़कों की मरम्मत, स्पीड कन्ट्रोल डिवाइस लगाये जाने, ई-परिवहन एप का प्रचार-प्रसार किये जाने आदि के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये।

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