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सुल्तानपुर में वायु सेना के सुखोई, जगुआर, एन-32, मिराज सहित कई लड़ाकू विमानों ने किया इमरजेंसी लैडिंग का अभ्यास


 सुलतानपुर  पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के अरवलकीरी करवत, विकास खण्ड कूरेभार के पास बनायी गयी 3.2 मीटर लम्बी हवाई पट्टी पर आज वायुसेना के विमानों ने इमरजेंसी लैडिंग का अभ्यास किया।, जिसमें वायुसेना के विमान लैण्ड/टच डाउन किये तथा वहां उपस्थित तमाम अधिकारीगण व जन समुदाय देखकर रोमांचित हो उठें। इमरजेंसी लैडिंग में वायुसेना के लड़ाकू विमान- सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, जगुआर, परिवहन विमान, सी-295, एएन-32, हेलीकॉप्टर एमआई-17 वी5 जैसे विमान शामिल हुए।

पूरे इमरजेंसी लैडिंग को वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में संचालित किया गया। उक्त इमरजेंसी लैडिंग को प्रयागराज से कमांड किया गया। 

इमरजेंसी लैडिंग के अवसर पर मुख्य अतिथि  जनपद प्रभारी मंत्री/कैबिनेट मंत्री, पंचायती राज एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, मुस्लिम वक्फ एवं हज विभाग, उ0प्र0 सरकार  ओम प्रकाश राजभर, जिला पंचायत अध्यक्ष  ऊषा सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, विधायक सदर (जयसिंहपुर) राज प्रसाद उपाध्याय,  विधायक कादीपुर राजेश गौतम, जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक चारू निगम, नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल,  विधायक सुलतानपुर प्रतिनिधि पुलकित सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण व सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के कूरेभार स्थित अरवल कीरी करवत में बनी एयर स्ट्रिप पर आज 2 घंटे से अधिक फाइटर विमानों द्वारा इमरजेंसी लैंडिंग का अभ्यास किया गया। 3.5 किमी की एयर स्ट्रिप पर फाइटर प्लेन सुखोई और मिराज ने टच एंड गो का अभ्यास किया। इस कार्यक्रम के मद्देनजर 12 किमी मार्ग बंद कर रूट डायवर्जन किया गया था। इससे पहले भी यहां कई बार ऐसे अभ्यास हो चुके हैं। एयरस्ट्रिप पर सुखोई व मिराज जैसे जंगी जहाजों ने लैंडिग/टच डाउन का प्रदर्शन किया। इस दौरान फाइटर जेट्स द्वारा ‘टच एंड गो’ ड्रिल किया गया, वहीं एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर से स्पेशल फोर्सेस द्वारा अभ्यास किया गया। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के अरवलकीरी करवत, वि0ख0 कूरेभार में बनायी गयी हवाई पट्टी पर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों के पायलटो द्वारा हैरत अंगेज कारनामों का सफल प्रदर्शन किया गया। भारतीय वायु सेना के अधिकारियों के द्वारा एयर स्ट्रिप के 5 किलोमीटर के क्षेत्र को 15 अप्रैल से ही अपने कब्जे में लिया गया था। जहां पर भारतीय सशस्त्र बल व भारतीय वायु सेना के जवानों द्वारा एयरस्ट्रिप पर समस्त तैयारियॉ की गयी। यह एयरस्ट्रिप खास तौर पर भारी लड़ाकू विमानों के लिए बनाई गई है। युद्ध के समय यह हाईवे वायुसेना के लिए बैकअप रनवे का काम करता है, ताकि जरूरत पड़ने पर यहां से भी ऑपरेशन जारी रखे जा सकें। वायुसेना के लड़ाकू विमानों के इमरजेंसी लैडिंग को देखने हेतु आज सुबह से ही एयर स्ट्रिप के आस-पास लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई थी। इस अवसर पर समस्त सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे। 


 



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