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हनुमत महोत्सव देर रात्रि भव्यता के साथ सम्पन्न, श्रद्धा और भक्ति में डूबा भंडरा-चंद्रकला


सुल्तानपुर जिले के कुड़वार विकास खंड क्षेत्र अंतर्गत भंडरा-चंद्रकला स्थित श्री चौसठ योगिनी हनुमान मंदिर में मूर्ति स्थापना की आठवीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य हनुमान महोत्सव देर रात्रि श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में सम्पन्न हो गया। महोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा तथा श्रम एवं सेवायोजना मंत्री अनिल राजभर रहे। दोनों मंत्रियों ने मंदिर की भव्यता, अनुशासित व्यवस्था और श्रद्धालुओं की आस्था की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण आयोजन बताया।

भाजपा नेत्री मनीषा पांडेय के कुशल संयोजन में यथार्थ मानस सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस महोत्सव ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का भी सशक्त संदेश दिया। विशाल आयोजन के बीच मनीषा पांडेय स्वयं पूरी सक्रियता के साथ व्यवस्थाओं की कमान संभाले रहीं। वे लगातार कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित रहकर आगंतुक अतिथियों का स्वागत-सम्मान करती रहीं और आम श्रद्धालुओं से आत्मीय संवाद करती नजर आईं।

उनके विनम्र व्यवहार और व्यक्तिगत सहभागिता की उपस्थित जनों ने विशेष सराहना की।

इस अवसर पर संघ प्रचारक श्री प्रकाश, भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक रामचंद्र मिश्रा, एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह, विधायक राजेश गौतम, विधायक राज बाबू उपाध्याय, भाजयुमो जिलाध्यक्ष चंदन सिंह, भाजपा प्रदेश महामंत्री हर्षवर्धन सिंह, पूर्व विधायक देवमणि दुबे, आलोक आर्य, ओमप्रकाश पांडेय बजरंगी,अयोध्या महापौर गिरीश पति त्रिपाठी,भोजपुरी गायक व सह अभिनेता आर्यन बाबू ( लिटिल)  अवधेश शर्मा सहित ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीनारायण पांडेय ,एआरटीओ शांति भूषण पांडे , उदय प्रकाश मिश्रा समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।भक्ति रस से ओतप्रोत इस महोत्सव में सुप्रसिद्ध गायिका अक्षरा सिंह के भजनों ने देर रात तक श्रद्धालुओं को भाव-विभोर बनाए रखा। उनके सुमधुर भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए और पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्रीराम’ एवं ‘बजरंगबली की जय’ के जयकारों से गूंजता रहा।महोत्सव के दौरान विशाल भंडारे की भी सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई थी, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन की व्यवस्थाएं अनुशासित और व्यवस्थित रहीं, जिससे दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।देर रात्रि तक चले इस भव्य हनुमान महोत्सव ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि सामाजिक समरसता और सामूहिक सहभागिता की भी प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की। क्षेत्रवासियों ने इसे ऐतिहासिक और यादगार आयोजन बताया।

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