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नकल विहीन परीक्षा के लिए यूपी सरकार सख्त, 8033 केंद्रों पर सीसीटीवी और वॉयस रिकॉर्डर से होगी लाइव मॉनीटरिंग


लखनऊ प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गुलाब देवी ने मंगलवार को उ०प्र० माध्यमिक शिक्षा परिषद्, उ०प्र० प्रयागराज द्वारा 18 फरवरी, 2026 से प्रारम्भ हो रही वर्ष 2026 हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाओं की ऑनलाइन मॉनीटरिंग हेतु शिविर कार्यालय, माध्यमिक शिक्षा निदेशक, लखनऊ में स्थापित राज्य स्तरीय कन्ट्रोल रूम का उद्घाटन किया।उन्होने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  की मंशा के अनुरूप इस वर्ष 2026 की नकल विहीन बोर्ड परीक्षाओं को सम्पन्न कराने हेतु प्रदेश में कुल 8033 परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं, जिनमें 596 राजकीय, 3453 अशासकीय सहायता प्राप्त तथा 3984 स्ववित्त पोषित माध्यमिक विद्यालय हैं। 18 जनपदों को संवेदनशील जनपद के रूप में चिन्हित किया है। 222 परीक्षा केन्द्रों को अति संवेदनशील एवं 683 परीक्षा केन्द्रों को संवेदनशील परीक्षा केन्द्र के रूप में चिन्हित किया गया है। परीक्षा केन्द्रों की निगरानी हेतु एस०टी०एफ० एवं स्थानीय अभिसूचना इकाई को सम्पूर्ण परीक्षा अवधि तक सक्रिय रखा गया है, अति संवेदनशील केंद्रो का दिन में 02 बार निरीक्षण कराने हेतु मण्डलीय अधिकारियों तथा पर्यवेक्षकों का विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे परीक्षा प्रश्न-पत्रों के प्रकटन के प्रयास की सम्भावना पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाया जा सके। प्रत्येक परीक्षा केन्द्र के प्रत्येक कक्ष में वॉयस रिकार्डरयुक्त 02 सी०सी०टी०वी० कैमरे संस्थापित किये गये है तथा इसके साथ राउटर, डी०वी०आर० एवं हाई स्पीड इन्टरनेट कनेक्शन हैं, जिनके माध्यम से सम्पूर्ण परीक्षा अवधि की लाइव मॉनीटरिंग वेबकास्टिंग के माध्यम से की जायेगी। वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल के 27,61,696 एवं इण्टरमीडिएट के 25,76,082 कुल 53.37,778 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इस हेतु 8033 केन्द्र व्यवस्थापक, 8033 बाह्य केन्द्र व्यवस्थापक, 8033 स्टैटिक मजिस्ट्रेट, 1210 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 427 जोनल मजिस्ट्रेट नियुक्त किये गये हैं तथा 69 मण्डलीय और 440 जनपदीय सचल दलों का गठन किया गया है। इसके अतिरिक्त शासन स्तर से सभी 75 जनपद और 18 मण्डल के लिए 01-01 राज्य स्तरीय पर्यवेक्षकों की भी नियुक्ति की गयी है। परीक्षा केन्द्रों पर स्थापित किये गये स्ट्रांग रूम को 24×7 सी०सी०टी०वी० कैमरे की निगरानी में रखने की व्यवस्था की गयी है।माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि 18 फरवरी, 2026 से 12 मार्च, 2026 तक आयोजित वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षा में अनुचित साधन प्रयोग (नकल) की प्रवृत्ति तथा सम्भावनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने, परीक्षा की शुचिता, पवित्रता, गुणवत्ता, विश्वसनीयता तथा विधि व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से शिविर कार्यालय, माध्यमिक शिक्षा निदेशक, लखनऊ में स्थापित राज्य स्तरीय कन्ट्रोल रूम के माध्यम से सम्पूर्ण परीक्षा अवधि में सुचारू व समयबद्ध रूप से नियमित ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जायेगी। इस हेतु दोनों पालियों में अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण हेतु जनपदवार कम्प्यूटर ऑपरेटर्स, मण्डल प्रभारी, कन्ट्रोल रूम प्रभारी और सह प्रभारी की तैनाती की गयी है। परीक्षा अवधि में सभी 75 जनपदों के प्रत्येक परीक्षा केन्द्र के स्ट्रांग रूम, प्रश्न-पत्र के वितरण व उत्तर पुस्तिकाओं की सीलिंग-पैकिंग किये जाने वाले कक्ष के साथ ही प्रत्येक परीक्षा कक्ष का ऑनलाइन अनुश्रवण किया जायेगा तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल परीक्षा केन्द्र व्यवस्थापक, जिला कन्ट्रोल रूम, सचल दल एवं सम्बन्धित अधिकारियों से सम्पर्क स्थापित कर जानकारी में आई कमियों/शिकायतों का त्वरित निस्तारण कराया जायेगा। परीक्षा अवधि में छात्रों/अविभावकों की समस्याओं के समाधान तथा मार्गदर्शन और जन सामान्य से प्राप्त सुझाव, शिकायतों के समाधान हेतु विभिन्न सोशल मीडिया यथा ई-मेल, फेसबुक, एक्स हैण्डल, व्हाट्सएप एवं टोल-फ्री नम्बर की व्यवस्था की गयी है। राज्य स्तरीय कन्ट्रोल रूम, लखनऊ में टोल-फ्री हेल्पलाइन नम्बर 18001806607 एवं 18001806608 तथा उ०प्र० माध्यमिक शिक्षा परिषद्, प्रयागराज का टोल-फ्री हेल्पलाइन नम्बर 18001805310 एवं 18001805312 है। इसके अतिरिक्त  व्हाट्सएप नम्बर 9235822913 से भी संपर्क किया जा सकता है। उक्त के अतिरिक्त परीक्षा की शुचिता एवं नकलविहीन परीक्षा के आयोजन के दृष्टिगत परिषद् मुख्यालय प्रयागराज के साथ-साथ पाँचों क्षेत्रीय कार्यालय प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, बरेली, गोरखपुर में भी एक-एक कन्ट्रोल सेन्टर स्थापित कराया गया है जोकि बोर्ड परीक्षा का ऑनलाइन अनुश्रवण करेंगें।माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने वर्ष 2026 बोर्ड परीक्षा हेतु की गयी नवीन व्यवस्थाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि परिषदीय परीक्षाओं की पवित्रता, गुणवत्ता, विश्वसनीयता, विधि व्यवस्था अक्षुण्ण रखने हेतु सभी जनपदों/परीक्षा केन्द्रों पर आकस्मिकता की स्थिति में सभी विषय हेतु प्रश्नपत्रों के अतिरिक्त रिजर्व सेट्स की व्यवस्था की गयी है। उक्त सेट्स को पूर्ण सुरक्षा सहित स्ट्राँग रूम में पृथक डबल लॉक अलमारी में सील बन्द कर रखा गया है। उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली की संभावनाओं को रोकने के दृष्टिगत अन्य सुरक्षात्मक उपायों के साथ-साथ क्रमांकित 04 रंगों में ए-4 पोट्रेट आकार में तथा सभी पृष्ठों पर माध्यमिक शिक्षा परिषद का लोगो व सूक्ष्म आकार में न्च्डैच् अंकन द्वारा मार्जिन लाइन का मुद्रण कराया गया है।माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य स्तरीय कन्ट्रोल रूम द्वारा माध्यमिक शिक्षा परिषद् की बोर्ड परीक्षा की भांति उ०प्र० संस्कृत शिक्षा परिषद् परीक्षा 2026 की भी ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जायेगी।माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्ण पारदर्शिता एवं सुशासन प्रणाली के प्रति कटिबद्ध है। सार्वजनिक परीक्षाओ में कदाचार द्वारा युवाओं के साथ किया जाने वाला अन्याय किसी राष्ट्रीय पाप से कम नहीं है तथा राज्य सरकार उन अराजक तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु कृत संकल्पित है। सार्वजनिक परीक्षा प्रणालियों में अधिक पारदर्शिता, निष्पक्षता तथा विश्वसनीयता लाने तथा परीक्षार्थियों को यह आश्वस्त करने कि उनके निष्ठापूर्ण तथा वास्तविक प्रयास से निष्पक्ष रूप से उनका भविष्य सुरक्षित रहेगा, के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 लागू किया गया है। इस अधिनियम के अन्तर्गत प्रश्न पत्र की तैयारी, कोडिंग-डिकोडिंग, मुद्रण, संग्रहण, सुरक्षित अभिरक्षा और वितरण, परीक्षा का पर्यवेक्षण, उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन, परिणाम और अन्य सम्बन्धित कार्य में कोई भी परोक्ष/अपरोक्ष रूप से गलत रूप से संलिप्त पाया जायेगा तो उनके विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही किये जाने के प्राविधान है। परीक्षार्थियांे के सुरक्षित भविष्य एवं उनके सर्वांगीण विकास के दृष्टिगत आपराधिक दायित्व से मुक्त रखा गया है।माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने समस्त परीक्षार्थियों को शुभकामनायें देते हुए उनसे बिना किसी तनाव व भय एवं आत्मविश्वास के साथ उच्च शिखर पर स्वयं को स्थापित करने का दृढ़ संकल्प लेकर परीक्षा में अच्छे परिणाम और इस अवसर को उत्सव के रूप में मनाने का आह्वान किया। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में संलग्न अधिकारियों/कार्मिकांे, प्रधानाचार्यांे/ प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों से अपील की है कि वह पूर्ण मनोयोग एवं अनुशासित ढंग से निर्विघ्न रूप से शुचितापूर्ण नकलविहीन परीक्षा सम्पन्न कराने के साथ ही छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान करने, सहज वातावरण में परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु बहुमूल्य योगदान दें।इस अवसर पर बेसिक और माध्यमिक शिक्षा अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा, महानिदेशक स्कूल शिक्षा  मोनिका रानी, माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ महेन्द्र देव तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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