सुल्तानपुर में शातिर ‘लुटेरी दुल्हन’ गैंग गिरफ्तार, नकदी व जेवरात बरामद
ऐसे हुआ खुलासा
11 फरवरी 2026 को पीड़ित जगदीश निवासी मोहनपुरा गावणी, थाना बालघाट, जनपद करौली, राजस्थान ने थाना धनपतगंज में तहरीर देकर बताया कि वे अपने पुत्र रोहिताश की शादी के सिलसिले में देवरिया आए थे। शादी के बाद पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पास शशि और सुमन ने उनकी गाड़ी रुकवाकर 64,000 रुपये की मांग की। डर के माहौल में पीड़ित ने 7,000 रुपये दे दिए, लेकिन आरोपियों ने और पैसे की मांग करते हुए पुलिस बुलाने की धमकी दी।वादी को शक हुआ कि यह एक संगठित गिरोह है, जो फर्जी शादी कराकर लोगों से अवैध वसूली करता है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि जिस युवती सुमन से शादी कराई गई, वह पहले से विवाहित है और उसके तीन बच्चे हैं। वह कथित रूप से फर्जी पहचान के जरिए शादी कर ठगी करती है।वादी ने यह भी बताया कि शादी के समय दिए गए चांदी की पायल, बिछुआ, मंगलसूत्र और अन्य आभूषण भी आरोपियों के पास हैं।
पुलिस की कार्रवाई
घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक चारू निगम के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी बल्दीराय के नेतृत्व में टीम गठित की गई। थाना प्रभारी नंदलाल, धनपतगंज ने टीम के साथ कार्रवाई करते हुए मुकदमा संख्या 026/2026, धारा 308(6), 309(3), 61(2), 318(4), 319(1), 351(3) व बढ़ोत्तरी धारा 317(2) बीएनएस के तहत वांछित आरोपियों को बेनीपुर अंडरपास से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी
सुनील कुमार (35 ) पुत्र रामरूप प्रसाद, निवासी विशुनपुर बेतालपुरा, थाना गौरी बाजार, देवरिया
मुस्कान उर्फ सुमन उर्फ प्रियंका (23 ) पत्नी परवेज, निवासी लंगड़ा बाजार, थाना भलुअनी, देवरिया
शशि भारती (26) पत्नी श्याम बिहारी, निवासी बेतालपुर, थाना गौरीबाजार, देवरिया
रानी निशा (42) पत्नी इकबाल खान, निवासी लंगड़ा बाजार, थाना भलुअनी, देवरिया
पुलिस के मुताबिक यह गिरोह शादी का झांसा देकर लोगों को फंसाता था और बाद में धमकी देकर नकदी व जेवरात की वसूली करता था। आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

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