माघ मेले - ब्रह्म मुहूर्त में भक्तों ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी,सीएम योगी ने माघ मेले की शुभकामनाएं दी
संगम नगरी प्रयागराज में आज से 3 जनवरी 2026 से माघ मेला 2026 की शुरुआत हो चुकी है। पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व पर संगम तट पर जन सैलाब उमड़ पड़ा। कड़ाके की ठंड में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। ब्रह्म मुहूर्त से अब तक लाखों लोग आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। मेला प्रशासन का अनुमान है कि आज 25 से 30 लाख से ज्यादा श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी को माघ मेले की शुभकामनाएं दी है।पूर्णिमा तिथि की शुरुआत सुबह 4 बजे से हो गई है।माघ मेले में 75 साल बाद दुर्लभ शुभ संयोग बन रहा है।आज से श्रद्धालु कल्पवास का संकल्प लेकर कल्पवास की शुरुआत करेंगे। माघ मेले में 20 से 25 लाख कल्पवासी माघ मेले में एक माह का प्रवास करते हैं। कल्पवासियों की पूरे एक माह कठिन तपस्या और साधना चलती है।इसके साथ ही प्रमुख स्नान पर्वो पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी पहुंचते हैं। पूरे माघ मेले के दौरान डेढ़ महीने में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु स्नान करेंगे मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज में पौष पूर्णिमा पर अनुमानित 15 से 25 लाख श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष रूप से सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों, मेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस, स्वच्छ शौचालय, पेयजल एवं महिला सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। घाटों पर गोताखोरों की पर्याप्त तैनाती रहे ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिया कि मेला क्षेत्रों एवं सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध एवं अराजक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। किसी भी महिला श्रद्धालु को असुविधा या भय का सामना न करना पड़े यह प्रशासन सुनिश्चित करे.मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, चित्रकूट, हापुड़ (गढ़मुक्तेश्वर), मथुरा-वृंदावन, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर सहित माघ मेला से जुड़े सभी प्रमुख जनपदों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के आवागमन, घाटों व मंदिर परिसरों की स्वच्छता, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, कंट्रोल रूम, भीड़ प्रबंधन एवं मेला क्षेत्र में प्रवेश-निकास की सुगम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी स्थिति में अराजकता को बढ़ावा न मिले और सभी श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में स्नान एवं पूजा कर सकें।


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